- हरिद्वार में आज से शुरू हुआ तीन दिवसीय महाकुंभ किसान चिंतन शिविर
- जिले के अलावा आसपास के जिलों से सुबह हरिद्वार के लिए निकल गए किसान
- शिविर में मांगों के संबंध में पास होंगे प्रस्ताव, बनेगी आंदोलन की रणनीति
मेरठ। हरिद्वार में तीन दिन तक चलने वाला भाकियू का महाकुंभ किसान चिंतन शिविर रविवार से शुरू हो गया। शिविर में देशभर से किसान पहुंचना शुरू हो गए हैं। पहले दिन मेरठ से भी काफी किसानों ने हरिद्वार के लिए कूच किया। काफी किसान सोमवार को कूच करेंगे।
किसानों की मांगों को लेकर भाकियू के तीन दिवसीय महाकुंभ में देशभर के किसान न केवल समस्याओं और आने वाली चुनौतियों पर चिंतन करेंगे बल्कि आंदोलन की रणनीति पर भी विचार करेंगे। मंगलवार तक चलने वाले इस शिविर के पहले दिन भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सभी किसानों का स्वागत किया और शिविर के कार्यक्रमों के संचालन को हरी झंडी दी। जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह और संगठन मंत्री संजय दौरालिया ने बताया कि जिले से काफी किसान पहले दिन ही हरिद्वार पहुंच गए। काफी किसान सोमवार सुबह को कूच करेंगे। उनकी टीम भी सोमवार को ही जाएगी। शिविर में किसानों की समस्याओं को लेकर चिंतन और मनन होगा। किसानों का बकाया गन्ना भुगतान, बिजली दरों में बढ़ोतरी और आवारा पशुओं को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। जिला महासचिव सत्यवीर जंगेठी और वरिष्ठ नेता जवाहर सिंह जिटौली ने बताया कि डेढ़ साल पहले सरकार ने गांवों की बिजली को 180 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये किलोवाट कर दिया था। अब इसमें 100 रुपये की बढ़ोतरी का फिर प्रस्ताव भेजा गया है। नलकूप दरों में भी 20 रुपये की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। किसान इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। शिविर में यह मुद्दा मुख्य रूप से शामिल रहेगा।