मेरठ। आवास एवं विकास परिषद की शहर की सभी योजनाओं की करीब 30 हजार संपत्तियों को ऑनलाइन करने में अधिकारी उलझ गए हैं। लखनऊ आवास विकास मुख्यालय के निर्देशों के बाद पिछले चार महीनों से परिषद अधिकारी संपत्तियों का डाटा फीड करने की मशक्कत कर रहे हैं। लेकिन 27 हजार संपत्तियों का डाटा फीड होने के बाद अन्य फाइलें न मिलने से काम रुक गया है।
पूरे प्रदेश मेें आवास विकास परिषद को पुरानी से पुरानी योजनाओं की संपत्तियों को आनलाइन करने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें शास्त्रीनगर स्थित आवास विकास कार्यालय के संपत्ति विभाग में सभी योजनाओं की संपत्तियों का डाटा कंप्यूटर में अपलोड करने का कार्य तेजी से शुरू हो गया। जिसके लिये निजी एजेंसी की मदद से तेजी से डाटा फीड करने का काम जारी हुआ। अधिकारियों ने बताया निजी एजेंसी के कर्मचारियों ने डाटा गलत फीड कर दिया। जिसके बाद अधिकारियों ने खुद ही दोबारा फाइलों को अपडेट किया। 30 हजार संपत्तियों में से अभी तक परिषद 27 हजार संपत्तियों का डाटा अपलोड कर चुका है। लेकिन पिछले कई सप्ताह से अधिकारी 27 हजार पर ही अटके हैं। अधिकारियों के अनुसार फाइलें ढूंढनी पड़ रही है, जिसके कारण फाइलों का डाटा अपलोड करने में परेशानी हो रही है। ऐसे में फाइलों के गायब होने की सूचना भी है। लेकिन अभी तक किसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। फाइलों को अपलोड करने का कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन फाइलों को ढूंढने में थोड़ा समय लग रहा है। लेकिन सभी फाइलें आवास विकास कार्यालय में सुरक्षित हैं। लेकिन सभी फाइलें अपलोड होने के बाद पूरी तस्वीर साफ होगी।