बच्चों को संस्कारित बनाने की जरूरत बताई
हस्तिनापुर। दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ महामंडल विधान में मुनि भावभूषण जी महाराज ने अपना मंगल उद्धबोधन किया।
आज शांतिधारा करने का सौभाग्य रामभूल जैन को हुआ। विनय पाठ एवं नित्य नियम पूजन के उपरांत मुनिश्री भावभूषण जी महाराज ने विधान में सम्मलित 92 परिवारों के सदस्यों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि आप पूरी निष्ठा एवं लगन के साथ पाठ करते हुए अपनी पूर्ण भक्ति एवं शक्ति के साथ लगे हुए हैं। आपको निश्चित ही इस विधान में समर्पण के साथ भगवान शांतिनाथ के चरणों में सुख, शांति, समृद्धि की प्राप्ति होगी। बच्चों को उच्च संस्कारों से संस्कारित करने का आह्वान करते हुए कहा के वर्तमान समय में चल रही उठापटक जैसी परिस्थितियों में बच्चों के खानपान, उनके रहने-सहने का तरीका तथा शिक्षा उपार्जन की पद्धति धर्मानुकूल निर्धारित कर बच्चों का मार्ग प्रशस्त करना होगा। इसके बाद बच्चे सुसंस्कारित होकर उच्च स्थान प्राप्त कर सकेंगे और परिवार को सम्मान दिला पाएंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने में महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार जैन, अनिल जैन, राजेंद्र जैन मवाना, विनय कुमार मवाना, वीरेंद्र कुमार जैन, कुणाल जैन सरधना, अतुल जैन, जितेन्द्र कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन (महाप्रबंधक), अशोक कुमार उपप्रबंधक, उमेश जैन, अतुल जैन, मणिचंद जैन, कमल जैन, नवनीत जैन आदि का सहयोग रहा।