आंधी से किसानों पर आफत, आम की फसल को नुकसान
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10 प्रतिशत तक नुकसान आम की फसल को
पहले सफेद रेतुआ बीमारी की पड़ी थी मार
अमर उजाला ब्यूरो
मोदीपुरम/मेरठ। मंगलवार की रात और बुधवार तड़के आई आंधी ने किसानों की नींद उड़ा दी है। वैज्ञानिकों की मानें तो आंधी से आम की करीब 10 प्रतिशत फसल को नुकसान होने की संभावना है।
कृषि विश्वविद्यालय के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. सुनील मलिक ने बताया कि इस बार आंधी का दौर मार्च से शुरू हो गया था। अप्रैल और मई के अलावा जून में भी आंधी का असर देखने को मिल रहा है। पहले आम की फसल पर सफेद रेतुआ की मार पड़ी थी। जिससे आम की फसल को को काफी नुकसान पहुंचा है। इस बार नमी ज्यादा होने से मार्च में ही फल आने के समय पर बीमारी आ गई थी। शुरुआत से ही मौसम आम की फसल के लिए अनुकूल नहंी था। सीजन को लेकर आम उत्पादक भी काफी चिंतित थे। अब फिर से आंधी ने नुकसान पहुंचाया है। मंगलवार देर रात आंधी की रफ्तार 50 किमी प्रति घंटे से भी अधिक थी। आंधी मेरठ ही नहीं, बागपत, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद आदि जिलों में काफी तेजी से आयी थी। अभी तक आकलन में करीब दस प्रतिशत के नुकसान की बात सामने आ रही है। अगर यह आंधी का दौर आगे भी रहा तो यह प्रतिशत 15 से भी ऊपर पहुंच सकता है। आम की फसल का इस समय पीक समय चल रहा है, ऐसे में आंधी का आना सहीं नहीं है।
पारा गिरा, 15-16 में बारिश के आसार
मंगलवार रात आंधी और बारिश से तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई है। बुधवार सुबह भी हवा की गति तेज रही। तापमान गिरने के बावजूद मौसम गर्म रहा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 15 और 16 जून को बारिश होने की संभावना है। आंधी के बीच बारिश से मौसम में थोड़ा बदलाव आया है। गर्मी से थोड़ी राहत मिली। लेकिन बुधवार सुबह के समय से ही मौसम बदला हुआ था। दोपहर को हवा के बीच उमस बनी रही। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 50 व न्यूनतम 36 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन. सुभाष का कहना है कि अगले दो दिन मौसम ऐसे ही रहेगा। तापमान फिर से 40 डिग्री के ऊपर जा सकता है। बारिश से पहले गर्मी का असर बना रहेगा।