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पहले कैटल कॉलोनी विकसित हो, फिर बाहर करें डेयरियां

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पहले कैटल कॉलोनी विकसित हो, फिर बाहर करें डेयरियां
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डेयरी संचालकों के पक्ष में आगे आए निगम पार्षद
बोर्ड बैठकों में डेयरियों के खिलाफ अफसरों को घेरते रहे हैं ये पार्षद

मेरठ। डेयरियों से निकलने वाले गोबर के कारण शहर में गंदगी व्याप्त है, नाले चोक हो रहे हैं। हाईकोर्ट ने डेयरियों को शहर से बाहर करने के निर्देश भी दे रखे हैं, लेकिन अब तक कैटल कॉलोनी विकसित होना तो दूर इसके लिए भूमि का भी अता-पता नहीं है। ऐसे में नगर निगम के पार्षद भी कैटल कॉलोनी विकसित होने से पहले डेयरियों को शहर से बाहर न करने के पक्ष में आगे आ गए हैं। सभी पार्षदों ने नगरायुक्त को पत्र लिखे हैं। खास बात यह है कि ये सभी वहीं पार्षद हैं जो प्रत्येक बोर्ड बैठक में डेयरियों को शहर से बाहर न किए जाने से नाराज होकर अधिकारियों को घेरते रहे हैं, साथ ही डेयरी संचालकों पर भारी जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव पास कर चुके हैं।
कैटल कालोनी विकसित करने को तैयार नहीं प्रशासन
- एमडीए की महायोजना में कैटल कॉलोनी विकसित किया जाना भी शामिल है। यह अलग है कि एमडीए के अधिकारियों ने कैटल कॉलोनी के लिए चयनित की गयी भूमि को बेच डाला। अब कालोनी विकसित करने की बारी आई तो एमडीए अफसर भूमि न होने की बात कहकर कैटल कॉलोनी विकसित करने से पल्ला झाड़ा जा रहा है। जबकि नियमानुसार शासन और प्रशासन को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए। हाईकोर्ट के आदेशानुसार नगर निगम प्रशासन को 30 जून तक शहर से डेयरियों को बाहर करना है और एक जुलाई को नगर निगम प्रशासन हाईकोर्ट के सामने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। अब जैसे जैसे हाईकोर्ट की तिथि करीब आती दिख रही है तो निगम अफसरों के हाथ-पांव भी फूल रहे हैं। कैटल कॉलोनी विकसित न होने के कारण निगम के लिए यह बेहद मुश्किल है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए कार्रवाई करनी ही होगी।
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कैटल कालोनी विकसित होने से पहले नहीं होनी चाहिए डेयरी बाहर
पार्षदों ने उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी डेयरी संचालकों के पक्ष में अपनी मांग रख दी है। निगम के पार्षद विपिन जिंदल, राजीव गुप्ता काले,रंजन शर्मा, शिखा सिंघल, नीलम शर्मा, प्रसन्नजीत गौतम, पूनम गुप्ता, कुलदीप सिंह, डिंपल चौधरी, अंशुल गुप्ता, अजय गुप्ता, नाजरीन, पवन चौधरी, अहसान अंसारी, जरीना सिराज सैफी, इकरामुददीन बालियान, कयूम अंसारी, कमलादेवी, दीपिका गुप्ता, एसएस मलिक, नीरज सिंह, राजकुमारी चांदना, आसिफ, इरफान अहमद, रेनू सैनी, राशिद अंसारी, ज्योति खटीक आदि ने नगरायुक्त को पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में पार्षदों का कहना है कि पहले कैटल कॉलोनी विकसित की जाए, उसके बाद ही हमारे वार्डों से डेयरियों को बाहर किया जाए।
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