फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैक्टरी में कर्मचारी की मौत, थाने में रखा शव, जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
फैक्टरी में कर्मचारी की मौत, थाने में रखा शव, जाम
विज्ञापन

- परतापुर का मामला, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, सीओ और एसओ से हाथापाई, थाने में तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। परतापुर स्थित एक फैक्टरी में कर्मचारी की मौत को लेकर रविवार रात बवाल हो गया। कुछ लोग उसके शव को कार में रखकर परतापुर थाने छोड़कर फरार हो गए। कर्मचारी के परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या का आरोप लगाकर थाने में बखेड़ा कर दिया। सीओ ब्रह्मपुरी और एसओ से हाथापाई कर थाने में तोड़फोड़ कर दी।
सरधना निवासी मनोज जैन की रिझानी में कृष्णा फाइबर्स नाम से प्लास्टिक का सामान बनाने की फैक्टरी है। जहां रिझानी गांव निवासी आशु (20) पुत्र बलजोर काम करता था। रविवार शाम करीब 6:30 बजे आशु माल लादकर ले जा रहा था। इस दौरान वह फैक्टरी परिसर में दूसरी मंजिल से जा गिरा। गंभीर हालत में उसे बागपत रोड स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फैक्टरी के कुछ कर्मचारियों ने शव को आई-20 कार में रखा और कार को परतापुर थाना परिसर में खड़ी करके बिना किसी को बताए वहां से फरार हो गए।
विज्ञापन

फैक्टरी के अन्य कर्मचारियों को जब युवक की मौत का पता चला तो सूचना पर आशू के परिजन परतापुर थाने पहुंच गए। पुलिस को इसका पता चला तो हड़कंप मच गया। लेकिन थाने में खड़ी कार में शव होने के बावजूद पुलिसकर्मियों को जानकारी नहीं होने और फैक्टरी प्रबंधन द्वारा खबर नहीं देने पर परिजन उखड़ गए। रिझानी गांव से 150-200 की संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए। कुछ लोगों ने दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया।
पुलिस ने जाम खुलवाया तो ग्रामीणों ने थाने पर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन पर आशु की हत्या करने का आरोप लगाकर आर्थिक सहायता व आरोपियों पर कार्रवाई की मांग शुरू की दी। इस दौरान कुछ लोगों ने थाने में खड़ी कार में तोड़फोड़ करने का प्रयास किया। सूचना पर सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी आरआरएफ के साथ मौके पर पहुंचे। भीड़ ने सीओ ब्रह्मपुरी और इंस्पेक्टर परतापुर से हाथापाई कर दी।
विज्ञापन

वहीं, फैक्टरी प्रबंधन का कहना है कि युवक की गर्मी में खुद हालत बिगड़ी थी, उसे अस्पताल ले जाया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। फैक्टरी प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप गलत हैं। इंस्पेक्टर परतापुर तपेश्वर सागर का कहना है कि फैक्टरी के लोग शव लेकर अस्पताल से आ रहे थे। तभी भीड़ ने घेर लिया, जिसके बाद वह कार को छोड़कर भाग गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें