गगोल सहकारी दुग्ध संघ के टेंडर निरस्त
कमिश्नर ने करायी जांच तो खुली अनियमितता
मेरठ। गगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि. में जॉब बेसिस वर्क कांट्रेक्ट के आधार पर डेरी संचालक एवं अवशीलन केन्द्र की विभिन्न क्रियाओं के संपादन के लिए मार्च माह में की गई टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का खुलासा हो गया है। कमिश्नर ने टेंडर निरस्त कर दिए हैं। अब दोबारा से टेंडर किए जाएंगे।
गगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के संचालक रणवीर सिंह ने कमिश्नर से शिकायत की थी कि अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया में खेल किया है। शिकायत पर कमिश्नर ने सीडीओ से जांच करायी थी। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हो गया है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता बरती गयी हैं। एजी एंड कंपनी हापुड़ ने अनुभव प्रमाण पत्र नहीं लगाया, फिर भी उस फर्म को पात्र माना लिया गया। इसी प्रकार एसएस सिक्योरिटी सर्विस बुलंदशहर की तकनीकी बिड के साथ हैसियत प्रमाण पत्र संलग्न नहीं मिला। इतना ही नहीं हैसियत प्रमाण पत्र कितनी धनराशि का होगा, इसका उल्लेख नहीं किया गया। नियम एवं शर्तों में कहीं भी श्रमिकों की संख्या अंकित नहीं की गई। ठेकेदारों से धरोहर राशि नकद अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से न लेकर बैंक के मियादी जमा प्रमाण पत्र जमा कराए गए। जिससे दुग्ध संस्था को ब्याज के रूप में हानि निश्चित है। एसएस सिक्योरिटी सर्विस बुलंदशहर से धरोहर राशि दस लाख के स्थान पर अभी तक मात्र दो लाख की मियादी जमा प्रमाण पत्र लिया गया। इस प्रकार संस्था विशेष को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। कमिश्नर अनीता मेश्राम ने महाप्रबंधक गगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ को टेंडर निरस्त करके शीघ्र ही फिर से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।