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माछरा में जल ही जानलेवा

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माछरा में जल ही जानलेवा
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माछरा। गांव के तालाबों की सफाई नहीं होने तथा गंदगी का जमाव हो जाने से पानी दूषित हो गया है। इससे भूजल भी दूषित हो रहा है। जिसके चलते करीब गत वर्षों में डेढ़ दर्जन लोगों की मौत कैंसर से हो चुकी है। हाल ही में बीते एक पखवाडे़ में दो ग्रामीणों की इसी बीमारी से मौत हुई है। जिससे गांव में हड़कंप है। इस सबके बावजूद जल निगम गांव में पेयजल की टंकी नहीं लगवा रहा है। हालांकि जमीन का प्रस्ताव भेजा जा चुुका है। उधर, स्वास्थ्य विभाग भी कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है।
मेरठ से करीब 23 किलोमीटर दूर गढ़-मेरठ मार्ग पर बसा माछरा ब्लॉक मुख्यालय है। यहां के ग्रामीण स्वास्थ्य विभाग एवं जल निगम की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। यहां की आबादी करीब 15 हजार है। इनमें त्यागी, ब्राह्मण, अनुसूचित जाति, मुस्लिम, खटीक, सैनी, भाटी आदि जाति के लोग हैं। माछरा, नंगली अब्दुल्ला एवं कासमपुर आपस में सटे हुए हैं। यहां करीब दो वर्षों में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में 15 दिन के भीतर महेश चंद पुत्र विशम्भर त्यागी तथा यूनुस पुत्र शरीफ अहमद की कैंसर से मौत हुई है। इसके चलते लोग भयभीत हैं।
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ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधान माछरा राकेश त्यागी ने बताया कि गांव में शिव मंदिर के समीप काफी बड़ा तालाब है। जिसमें गंदगी भर पड़ी है। उसे साफ कराने के लिए जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखा गया परंतु कोई समाधान नहीं हो पाया। उसके आसपास रहने वाले कई लोग कैंसर से पीड़ित होने के कारण मृत्यु हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बोतल में पानी भरकर रखा जाए तो इसका रंग कुछ समय के बाद पीला हो जाता है। कुछ समय पूर्व ग्रामीणों ने पानी के नमूने लेकर परीक्षण कराया तो दूषित पाया था। उनके अनुसार पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक पाई गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जल निगम के प्रति रोष है। गांव में सीएचसी होने के बावजूद जांच आदि नहीं होती है। जल निगम को कई बार पेयजल टंकी निर्माण की जमीन भी नि:शुल्क देने का प्रस्ताव दिया परंतु पेयजल की टंकी नहीं लग पाई है।
ग्राम प्रधान राकेश त्यागी ने बताया कि नंगली अब्दुल्ला के ग्राम प्रधान दीपक त्यागी, कासमपुर के ग्राम प्रधान शिवराज भाटी ने गांवों में आरओ सिस्टम लगवाया है। जिससे ग्रामीण साफ पानी पी सकें। बीडीओ माछरा सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लॉक माछरा क्षेत्र के अधिकतर गांवों का पानी दूषित होने की वजह से पीने योग्य नहीं है। इस बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
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सीएचसी माछरा के प्रभारी डॉ. आलोक नायक ने बताया कि बीमारी उनके संज्ञान में नहीं है। गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। कैंसर के बारे में अभी स्पष्ट नहीं है कि यह किस कारण से गिरफ्त में ले रहा है। इसका शीघ्र ही सर्वे कराकर पता लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पानी को उबालकर ठंडा करने के पश्चात उपयोग करना चाहिए। कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से गुर्दे में पथरी बनने की अधिक संभावना रहती है।
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