घोषणापत्र देने के बाद ही संचालित होगा सट्टा
मवाना। हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में गन्ना विभाग के निर्देश पर पेराई सत्र 2019-20 का गन्ना सर्वेक्षण चल रहा है। कुछ दिन पहले ही प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने पेराई सत्र 2019-20 के लिए गन्ना सर्वेक्षण नीति जारी की थी। जिसकी शुरुआत 5 मई से हो गई थी। जिसके लिए गन्ने का सर्वे करने के लिए टीमें गठित की गईं और इसके बाद से ही गन्ना सर्वेक्षण में सभी टीमों लगी हुई हैं।
मवाना समिति के गन्ना पर्यवेक्षक योगेंद्र नाथ मिश्रा और सौरव चौधरी सहित टिकौला शुगर मिल के गन्ना सहायक अधिकारी विवेकानंद व गन्ना पर्यवेक्षक टिकौला शुगर मिल के अजयवीर सिंह ने क्षेत्र के फतेहपुर प्रेम में जीपीएस द्वारा गन्ने का सर्वेक्षण किया। मवाना समिति के क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक सौरव चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के गन्ने का सर्वे लगभग एक सप्ताह से चल रहा है। जिसमें अभी तक हरिपुर गांवड़ी, तारापुर, चामरोध, कुन्हेड़ा, बमरौली, राठौरा कलां आदि समेत कई गांव में का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। हालांकि अभी कई गांव के अधूरे सर्वेक्षण को टीमें पूरा करने में लगी हुई हैं। जिनका सर्वे जल्द ही पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी किसान घोषणा पत्र देकर अपना गन्ने का क्षेत्रफल सही करा लें। सोमवार को इस टीम ने 20 हेक्टेयर गन्ने का सर्वेक्षण किया। वहीं, मंगलवार को 15 हेक्टेयर गन्ने का सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि सभी किसान घोषणा पत्र भरें इसके बाद ही सट्टा संचालित किया जाएगा। घोषणा पत्र के साथ किसानों को आधार कार्ड भी देना होगा। टिकौला शुगर मिल के गन्ना सहायक अधिकारी विवेकानंद ने बताया कि गन्ना सर्वेक्षण कार्य में हैंडहेल्ड कंप्यूटर का प्रयोग किया जा रहा है। क्षेत्र में शत-प्रतिशत गन्ने का सर्वेक्षण जीपीएस द्वारा ही किया जा रहा है। जिससे गन्ना सर्वे में किसानों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। किसानों को मौके पर उसके खेत के माप की पर्ची दी जा रही है। इस अवसर पर मवाना गन्ना समिति के लिपिक योगेंद्र नाथ मिश्रा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर गन्ना सर्वे में लगे कर्मियों को निर्देशित किया गया। उन्हें सर्वे की रिपोर्ट रोज उच्चाधिकारियों को देनी होगी। गन्ना सर्वे में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गन्ने का सर्वेक्षण 30 जून तक पूरा करना है। नीति के अनुसार शत-प्रतिशत गन्ना सर्वे जीपीएस के जरिए किया जा रहा है। वहीं, घोषणा पत्र नहीं देने पर सट्टा संचालित नहीं किया जाएगा।