गंगनहर में गिरी कार में बताए गए तीन युवा कारोबारी
रविवार तड़के 3:45 बजे सरधना के पास गंगनहर में गिरी थी ब्रेजा कार
अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद परिजन पहुंचे मेरठ
शनिवार रात दिल्ली से हरिद्वार कार से जाना बताए गए तीनों कारोबारी दोस्त
पीएसी के गोताखोरों ने चलाया सर्च अभियान, नहीं मिली सोमवार को कामयाबी
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना/मेरठ। सलावा झाल गंगनहर पुल के निकट रविवार तड़के 3:45 बजे गंगनहर में गिरी गाजियाबाद के कारोबारी की बतायी जा रही है। बताया गया कि कार में तीन युवा कारोबारी सवार थे। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद परिजनों ने सोमवार को सीओ सरधना पंकज सिंह से संपर्क किया। पीएसी के गोताखोरों ने सर्च अभियान चलाया। लेकिन देर शाम तक कार का कोई सुराग नहीं लगा। सीओ के अनुसार कार या तीनों कारोबारियों के मिलने के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।
सीओ सरधना पंकज सिंह के अनुसार लोनी गाजियाबाद निवासी राजेश यादव व दिल्ली निवासी इंद्रजीत सोमवार को सरधना गंगनहर पटरी पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विवेक वर्मा (33) पुत्र विनोद वर्मा निवासी जवाहर नगर लोनी बार्डर गाजियाबाद, हनी सेतिया (34) निवासी जहांगीरपुरी दिल्ली और हरिनेक सिंह (28) निवासी महिंद्रा पार्क जहांगीरपुरी दिल्ली ब्रेजा कार से दिल्ली से हरिद्वार के लिए निकले थे। ब्रेजा कार विवेक वर्मा की बतायी गयी। जिनकी हनी सेतिया के साथ बवाना दिल्ली में पार्टनरशिप में ग्लैक्सो इंटरप्राइजेज नाम से साबुन की फैक्टरी है। वहीं, हरिनेक सिंह की दिल्ली में केमिकल फैक्टरी है।
सीओ सरधना ने बताया कि एक ब्रेजा कार रविवार तड़के करीब 3:45 बजे सलावा झाल के पास गंगनहर में गिरी थी। कार के आगे और पीछे भी कार थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। जिस जगह कार गिरी, वहां कार के पार्ट्स टूटे हुए मिले थे। सीओ ने बताया कि परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात्रि करीब डेढ़ बजे वे हरिद्वार के लिये निकले थे। कुछ समय बाद उनके मोबाइल स्विच ऑफ हो गए थे। उनकी अंतिम लोकेशन भी सरधना में सलावा झाल पुल के निकट मिली। सीओ का परिजनों के हवाले से कहना है कि फेसबुक की नियर बाई लोकेशन भी सरधना के पास तड़के करीब पौने चार बजे रही। उसके बाद फेसबुक बंद हो गई। मोबाइल पर भी संपर्क नहीं हो सका।
नहीं पहुंची एनडीआरएफ की टीम
सोमवार को गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम नहीं पहुंच सकी। सीओ सरधना के अनुसार पीएसी के गोताखोरों ने रडार कैमरा, जाल और बोट से सर्च अभियान चलाया। नहर काफी गहरी होने और पानी का बहाव तेज होने पर कामयाबी नहीं मिली। मंगलवार को एनडीआरएफ टीम के अलावा लखनऊ से भी एक टीम बुलाने की बात कही गई है।