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जो गढ़ मजबूत थे, वहां भितरघात से पिछड़ी भाजपा

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जो गढ़ मजबूत थे, वहां भितरघात से पिछड़ी भाजपा
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- अब बूथवार मतगणना के आंकड़ों की रिपोर्ट पर होगा मंथन
- कई जगह क्रॉस वोट और नोटा के जरिये भितरघात के मिल रहे प्रमाण
- बूथवार रिपोर्ट के आधार पर तय होगी भितरघात करने वालों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। लोकसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व को कई सीटों पर भितरघात की सूचना मिली है। ऐसे में इन सीटों पर भले ही जीत हुई हो। लेकिन अब बूथवार रिपोर्ट के आंकड़ों से नेताओं का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। क्याेंकि मेरठ लोकसभा सीट पर ही कई बूथ ऐसे सामने आए हैं, जहां पर भाजपा का मजबूत गढ़ होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी बसपा प्रत्याशी से पिछड़ गए।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल लगातार तीसरी बार सांसद चुने गए हैं। टिकट वितरण से पहले ही राजेंद्र अग्रवाल का विरोध शुरू हो गया था। जो प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी अंदरखाने जारी रहा। कई बड़े नेताओं के साथ उनके समर्थकों ने चुनाव प्रचार में जहां मन से कम नहीं किया तो कहीं न कहीं मतदान को भी प्रभावित किया। ऐसे तमाम नेताओं की शिकायत भाजपा नेतृत्व से चुनाव के दौरान होती रही। लेकिन नेतृत्व चुनाव बाद कार्रवाई की बात कहकर टालता रहा।
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भाजपा सूत्रों के अनुसार बृहस्पतिवार को मतगणना के दौरान भी कई बूथों पर भितरघात का खेल नजर आया। ये वो क्षेत्र रहे जहां भाजपा का गढ़ माना जाता है, लेकिन वहां पर अप्रत्याशित रूप से भाजपा के पक्ष में नहीं बल्कि बसपा के पक्ष में मतदान नजर आया। यही नहीं कई बूथों पर तो नोटा भी जमकर चला। ऐसे में भाजपा नेतृत्व का मानना है कि क्रॉस वोट के साथ नोटा का खेल भितरघात करने वाले कर सकते हैं। जिन पर अब बूथवार आंकड़ों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय होगी।
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