बिजनौर का गढ़ नहीं बचा सकी भाजपा
मवाना। जहां पूरे देश में प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा ने दूसरे दलों को पटखनी दी है। वहीं, बिजनौर लोकसभा सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। गठबंधन प्रत्याशी मलूक नागर विजयी हुए हैं। लोग अब कयास लगा रहे हैं। भाजपा की हार का कारण सांसद भारतेंद्र द्वारा क्षेत्र की उपेक्षा रही या गठबंधन प्रत्याशी की जीत का कारण उनका मंच से आंखों आंसू लिए रुधे गले से जीत के लिए गुहार लगाना रहा।
इस बार भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत प्राप्त कर विपक्ष को बुरी तरह पटखनी दी है। ऐसे में बिजनौर लोकसभा सीट पर भाजपा की हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मायूसी का अहसास कराया है। इस सीट पर दूसरी बार चुनाव लड़ रहे सांसद कुंवर भारतेंद्र को विजयी बनाने के लिए स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामराज में सभा की थी। सीएम ने मंच से क्षेत्र की समस्याओं को उठाते हुए शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन भी दिया था। इस सबके बावजूद भाजपा को इस सीट से हाथ धोना पड़ा। वहीं, बीते दो बार से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे मलूक नागर को लगातार हार का मुंह देखना पड़ रहा था। तीसरी बार वे गठबंधन के प्रत्याशी रहे। तहसील के निकट मैदान में हुई जनसभा में जिसको रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह ने संबोधित किया था। इस दौरान मलूक नागर इतने भावुक हो गए थे उनकी आंखों में आंसू आ गए तथा गला बुरी तरह से रुंध गया था। वे अपना भाषण पूरा नहीं कर सके थे। अब उनकी इस जीत के बाद लोग कयास लगा रहे हैं। भाजपा की हार का कारण सांसद कुंवर भारतेंद्र द्वारा क्षेत्र की उपेक्षा करना रहा या मलूक नागर द्वारा मंच से रुधे गले से जिताने की अपील करना है।