साधना मय जीवन बार-बार नहीं मिलता
हस्तिनापुर। तीर्थ क्षेत्र हस्तिनापुर के प्राचीन बड़ा मंदिर में 14 मई से 22 जून तक हो रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान के 9वें दिन मुख्य मंदिर में सभी श्रद्धालुओं ने मिलकर भगवान शांति कुन्थू, अरहनाथ भगवान का जलाभिषेक किया है।
सभी श्रद्धालु विधान स्थल पर पहुंचे जहां पर भगवान की प्रतिमा को सौधर्म इन्द्र ने पांडुकशिला पर विराजमान किया। इसके पश्चात शांतिधारा की बोली प्रारंभ हुई। आज की शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेंद्र सिंघई, आदर्श जैन, अंजना जैन, कमल चंद, सरोज जैन, राजकोट (गुजरात) द्वारा की गई। शांतिधारा में सहयोग राजेंद्र जैन, पटियाला ने किया। ब्रह्मचारिणी सुनीता दीदी ने शांतिधारा के महामंत्रों का उच्चारण करते हुए शांतिधारा कराई तथा मुनिभाव भूषण जी महाराज ने प्रवचन में बताया कि मंदिर आत्मा साधना का पवित्र स्थान है। मंदिर में घरेलू कामकाज तथा धन संपत्ति के विचारों को त्याग कर अत्यंत शांतिपूर्वक धार्मिक भावनाएं ही मन में लानी चाहिए। व्यावहारिक कार्य और घरेलू चर्चा मंदिर में नहीं करनी चाहिए। यह पाप का कारण है। धार्मिक मर्यादाओं के पालन से पुण्य बंध होने के साथ-साथ जीवन भी सफल होता है। यह बताया कि साधना मय जीवन बार-बार नहीं मिलता। उन्नति के लिए यह स्वर्णिम अवसर है। इसके मूल्य को समझता वह कितनी ही बाधाएं, उपसर्ग, क्यों न आए। उन्हें सहर्ष स्वीकार कर अपने साधना पथ पर आगे बढ़ता रहता है। आज स्वर्णमयी त्रिमूर्ति जिनालय में भूगर्भ से प्राप्त अतिश्य का शांतिनाथ भगवान के सामने बने अनेक मांगलिक द्रव्यों से सुसज्जित मांडले पर 105 परिवारों द्वारा फल चढ़ाए। इस अवसर पर तीर्थ क्षेत्र कमेटी विधान संयोजक एवं क्षेत्र के मंत्री प्रद्युम्न कुमार जैन ने बाहर से पधारे राजेंद्र जैन, सतेंद्र जैन, हेमलता जैन, संतोष जैन, उर्मिला, रूपा, चक्रेश जैन, सरोज, संजय जैन, महेंद्र आदि का माला व मुकुट पहनाकर स्वागत किया। विधान संयोजक ने विधान पात्रों का एवं बाहर से पधारे सभी श्रद्धालुओं स्वागत/अभिनंदन किया। आज इस कार्यक्रम में विजय जैन, नरेन्द्र सिंह, सतेंद्र कुमार, कमल जैन, नीतेश जैन, राजीव जैन, वीना, अंकिता, वरुण आदि स्थानों के दर्शनार्थी विधान में सम्मलित हुए। सायंकालीन महाआरती व भजन संध्या व सांस्कृति कई कार्यक्रम आयोजित हुए। जिसके पुरस्कार सुरेंद्र जैन, सीमा जैन, प्रीतमपुरा दिल्ली ने प्रदान किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष सुनील जैन, उपाध्यक्ष सतेंद्र कुमार, विनय कुमार, मवाना, रोहित जैन, शशांक, जितेंद्र कुमार, विजय जैन, मुकेश कुमार जैन, अशोक कुमार, उमेश, अतुल जैन, मणिचंद आदि का सहयोग रहा।