एनसीसी अधिकारी ने बाहरी छात्रों को बनाया विवि का कैडेट
मोदीपुरम । सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के एनसीसी अधिकारी द्वारा बाहरी कैडेट्स के रजिस्ट्रेशन कर कैंप कराने का मामला सामने आया है। विवि कुलपति ने कमेटी गठित कर ममाले की जांच शुरू करा दी है। शुरूआती जांच में पांच कैडेट्स ऐसे मिले हैं जो विवि के छात्र नहीं है। इन बाहरी कैडेट्स को सर्टिफिकेट मिले हैं या नहीं यह अभी साफ नहीं हो पाया है।
कृषि विवि में एनसीसी अधिकारी अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश यादव हैं। वहीं कैडेट्स को ट्रेनिंग कराते है। पिछले कुछ समय से कैडेटस की संख्या में हेराफेरी की आशंका पर कर्नल धर्मेद्र सिंह ने कृषि विवि में पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।। जिसके बाद कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने जांच के लिए कमेटी का गठन किया। जिसके चेयरमैन रजिस्ट्रार डॉ. अशोक कुमार अहुलवालिया और डीन डायरेक्टर को सदस्य बनाया गया। जांच में सामने आया कि डॉ एसपी यादव ने नियमों को ताक पर रखकर बाहरी छात्रों को सर्टिफिकेट देने के लिए उनके रजिस्ट्रेशन कर उन्हें कैंप कराए। चौकाने वाली बात यह है कि कैडेट्स का रजिस्ट्रेशन करते समय न तो उनकी उम्र देखी गई और न ही यह देखा गया कि वह कहां का निवासी है और विवि का छात्र है भी या नहीं। शुरुआती जांच में जो पांच फर्जी रजिस्ट्रेशन सामने आए हैं उनमें दो ऐसे हैं जिन्होंने कृषि विवि का ही पता दे रखा है। मामले की जांच अभी चल रही है।
ऐसे सामने आया मामला
मोदीपुरम। जांच अधिकारी के अनुसार 6 अक्तूबर 2018 को एनसीसी कर्नल धर्मेद्र सिंह ने कुलपति डॉ. गया प्रसाद को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की बात कही। जनवरी में मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन हुआ। 4 अप्रैल और 26 अप्रैल 2019 को एनसीसी अधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश यादव से कैडेट्स का रिकार्ड मांगा, लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड न होने की बात कहते हुए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने से मना कर दिया। इसके बाद जांच कमेटी द्वारा पुरानी लिस्ट के साथ मामले की जांच की तो पांच फर्जी कैडेट्स सामने आए।
सर्टिफिकेट दिया या नहीं, जांच कर रहे हैं
जांच में पांच ऐसे बाहरी कैडेट्स सामने आए है, जो विवि के नहीं है, लेकिन इसके बाद भी उनके रजिस्ट्रेशन कर कैंप कराया गया। उन्हें सर्टिफिकेट दिया गया है या नहीं इसकी जांच चल रही है। - डॉ अशोक कुमार अहलुवालिया, रजिस्ट्रार एवं चेयरमैन जांच कमेटी
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
एनसीसी अधिकारी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद जांच बैठाई गई। एनसीसी कर्नल से भी रिकॉर्ड मांगा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - डा गया प्रसाद, कुलपति कृषि विवि