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बंद पडी रैंडरिंग में प्लांट में मिली भारी मात्रा में पशुओं की चर्बी

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पशुपालन विभाग की टीम ने चर्बी के नमूने लिये
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टीम ने अवैध चर्बी और कपडे़ धोने की साबुन कब्जे में लियेे
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। गांव जलालपुर के ग्रामीणों ने काली नदी किनारे बंद पडे़ रैंडरिंग प्लांट में पशुओं की चर्बी के अवैध कारोबार की शिकायत की। इससे उठती दुर्गंध ने क्षेत्र में लोगों का रहना दुश्वार कर दिया है। इस पर पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण विभाग व पशुपालन विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम को भारी मात्रा में पशुओं की चर्बी एवं अवैध रूप से साबुन निर्माण मिला। एनओसी के नाम पर फैक्ट्री संचालक के पास कुछ नहीं मिला। पशुपालन विभाग की टीम ने चर्बी के नमूने लिये हैं। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने दो दिन बाद फैक्ट्री पर कार्रवाई करने की बात कही है।
गांव घोसीपुर जलालपुर निवासी ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी कि अल्लीपुर समेत आसपास के क्षेत्र में मीट से जुड़ी सभी अवैध फैक्टरियों पर कार्रवाई की गई थी। जिसमें काली नदी किनारे पशुओं के अवशेषों से चर्बी निकालने वाली बड़ी-बड़ी भट्ठियां तोड़ दी थीं। काली नदी किनारे एक रैंडरिंग प्लांट भी था। किन्हीं कारणों से वह बंद चल रहा था। पिछले तीन माह से इसी रैंडरिंग प्लांट में मीट फैक्टरियों से पशुओं की चर्बी लाई जाती है तथा खुले में ही चर्बी को पकाकर उससे साबुन बनाया जाता है। चर्बी से निकलने वाली दुर्गंध से पूरा क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। ग्रामीणों की सूचना पाकर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रशासन को अवगत कराया। सूचना पाकर शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. योगेंद्र व पशुपालन विभाग के डिप्टी सीवीओ डॉ. वेदप्रकाश, पशु चिकित्सक डॉ. प्रवीण भारती समेत कई पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची। वहां बड़ी मात्रा में पशुओं की चर्बी, साबुन की बड़ी-बड़ी सिल्लियां मिलीं। फैक्ट्री का गेट बंदकर भट्ठियों में चर्बी उबालकर कपडे़ धोने का साबुन तैयार किया जा रहा था। मौके पर मिले मजदूर हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र के गांव रतुपुरा निवासी अय्यूब पुत्र हकीम ने बताया कि यह फर्म सुपर एंटरप्राइजेज के नाम से चली रही है। इस फर्म को पिछले छह माह से घोसीपुर निवासी अरशद पुत्र भोटन चला रहा है। अय्यूब की सूचना पाकर अरशद भी मौके पर पहुंचा गया। संचालक कोई कागज नहीं दिखा पाया। वहीं पशुपालन टीम ने चर्बी के नमूने लिये। पुलिस ने संचालक समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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नहीं की कार्रवाई
सूचना पाकर पुलिस, पशुपालन एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने भारी मात्रा में माल बरामद किया। मौके से मिली चर्बी के नमूने लिये। पशुपालन विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण विभाग से कोई एनओसी नहीं होने के बाद भी अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई के नाम पर केवल उसे बंद किया गया है। फैक्ट्री को न तो सील ही किया गया और न ही चर्बी को नष्ट किया गया।
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मामले की जांच के बाद रिपोर्ट प्रशासन को दी जायेगी। इसके बाद डीएम के आदेश के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. योगेंद्र कुमार, वैज्ञानिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
मौके से मिली चर्बी के नमूनेे करा लियेे हैं तथा नमूने जांच को भी भेजे जा रहे हैं।-डॉ. वेेदप्रकाश, डिप्टी सीवीओ मेरठ
फैक्ट्री वैध है या अवैध इसका निर्णय सभी विभाग करेंगे। पुलिस को केवल शांति व्यवस्था देखनी है।-राजेंद्र त्यागी, इंस्पेक्टर खरखौदा
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