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एंजेसी की मनमानी किसान भुगत रहे परेशानी

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एजेंसी की मनमानी, किसानों को हो रही परेशानी
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- किसानों को नहीं मिल रही पर्चियां, गेहूं की बुवाई का संकट गहराया
दौराला। किसानों को पर्चियां नहीं मिलने का मामला ठंडा नहीं हो पाया है। समिति मनमानी कर रही है और किसान परेशान है। किसानों के सामने गेहूं बोने की भी समस्या बनी हुई है।
दौराला गन्ना समिति से करीब 135 गांव जुड़े हुए है और 40 हजार किसान गन्ने की सप्लाई करते है। इस बार प्रदेश सरकार ने दौराला चीनी मिल से पर्ची हटाकर गन्ना समिति को देकर अच्छा काम किया। सरकार का उद्देश्य है किसानों को आसानी से पर्ची मिल सके। दौराला में पर्ची के लिए जीआरएल कंपनी को दे दिया। कंपनी ने जो किसानों के कैलेंडर तैयार किए है, वह पूरी तरह से गलत है। जिन किसानों की 50 में से 15 पर्ची जानी थी, उनकी तो पांच गई है, और जिन किसानों की 40 में से पांच जानी थी, उनकी 20 से अधिक पर्ची पहुंच गई। खिर्वा नोआबाद के किसान मोहित चौधरी, इकलौता के बिल्लू चौधरी का कहना है कि एजेंसी ने जो कैलेंडर बनाए है, वह गलत है। शुक्रवार को भी कई गांवों के किसान दौराला गन्ना समिति में पहुंचे और कैलेंडर में बढ़ रहे गैप को दिखाया। किसानों का आरोप है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अगर समय से गन्ना नहीं डाला गया तो फिर गेहूं की बुवाई भी नहीं हो सकेगी।
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एजेंसी ने कर दी गड़बड़ी
दौराला। वलीदपुर के किसान सचिन कुमार, दौराला राजू आदि का कहना है कि शासन ने जीआरएल कंपनी को पर्ची की व्यवस्था दी है, लेकिन अभी तक एक महीने से अधिक हो गया, यह समस्या नहीं सुधरी है। किसानों ने इस समस्या को उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह से भी मिलकर बताई है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। एजेंसी ने जो गड़बड़ी की है, उसकी परेशानी किसानों को भुगतनी पड़ रही है।
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कुछ किसानों ने शिकायत की है, कैलेंडर जो तैयार किए गए है, उसको लेकर वेंडर, गन्ना समिति, चीनी मिल के साथ में मंथन किया जा रहा है। इसका शीघ्र ही समाधान कराया जाएगा। किसानों की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल कराया जा रहा है। किसानों को कुछ समस्या आ रही है, जिसे दूर करने का काम किया जा रहा है।
उप गन्ना आयुक्त, हरपाल सिंह
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