अमर उजाला ब्यूरो
किठौर। मेरठ-गढ़ मार्ग पर अतिक्रमण एवं ओवरलोड चीनी मिलों के वाहनों के चलते रोजाना कई-कई घंटे जाम लगना आम हो गया है। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह कि जाम अक्सर थाने से चंद कदम दूर मवाना तिराहे पर लगना शुरू होता है। हालांकि पुलिस अनजान बनी रहती है। कंट्रोल रूम को सूचना देने के बावजूद पुलिस की नींद खुलती है। जिसके बाद कुछ होमगार्डों को इसमें लगाया जाता है। कई बार दूरदराज से मेरठ जा रही एंबुलेंस भी फंस जाती हैं। उन्हें ग्रामीणों की मदद से कस्बे के मोहल्लों से होकर गुजरना पड़ता है।
मेरठ से गढ़मुक्तेश्वर की दूरी मात्र 43 किमी है। जिसे यात्री करीब एक घंटे में तय कर लेते हैं। किठौर और शाहजहांपुर में अतिक्रमणकारियों की वजह से अब दो से तीन घंटे लगते हैं। सबसे बुरा हाल किठौर के मवाना तिराहे और श्यामपुर मोड़ का है। मवाना रोड से निकलने वाले गन्ने के ओवरलोड ट्रॉले, ट्रक और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके सवारी भरने से रोजाना कई-कई घंटे जाम लग रहा है। जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जाम से कई बार वाहन चालकों की गाड़ी निकालने को लेकर मारपीट हो चुकी है। यही नहीं हर समय दुघर्टना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद पुलिस आंखें मूंदे बैठी है। लोगों का आरोप है कि पुलिस ने इस जाम को मजाक समझकर रखा हुआ है। अतिक्रमण करने वालों को कई बार चेतावनी दी परंतु उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। इस मामले में थाना प्रभारी प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि जाम खुलवाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा। जिससे लोगों को परेशानी से निजात मिल सके।
मुख्य बातें
पुलिस ओवरलोड वाहनों पर नहीं कर पा रही कठोर कार्रवाई
चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण करने वालों पर लगाम नहीं लगा पा रही किठौर पुलिस