खरखौदा। करीब दो दर्जन मीट फैक्टरियों, रैंडरिंग प्लांट व मुर्गी दाना प्लांट पर शनिवार को छापेमारी की गई थी। इनमें से दो फैक्टरियों में पशु कटान होता मिला था। इसके अतिरिक्त सभी प्लांट मौके पर बंद मिले थे। उक्त कार्रवाई डीएम के आदेश पर की गई थी। हालांकि इस मामले में किसी भी अधिकारी ने कुछ कहने से इनकार कर दिया था।
कागजों में जो मीट फैक्टरियां बंद थीं उनकी चिमनियां धुआं उगल रही थीं। मौके पर भारी मात्रा में तैयार माल समेत चर्बी व फैक्टरी में कई प्रमाण मिले थे। छापेमारी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डॉ. योगेंद्र कुमार कई प्लांट के कागजात पूरे बताते रहे, लेकिन जब मौके पर बंद मिले फैक्टरियों के संचालन के बारे में चुप्पी साध ली थी। इन सभी प्लांटों की पशुपालन विभाग ने एनओसी से इनकार किया था। मौके पर सभी फैक्टरियों का संचालन बंद मिलने व सभी फैक्टरियों में सफाई मिलना बता रहा था कि छापेमारी की सूचना लीक हो गई थी। रविवार को दो अलग-अलग टीम बनाकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन ने फिर से अल्लीपुर में अल अक्सा, डिप्लोमेट, फिट पैक, अल कैफ, अल आलिया, अल अखलाक, अल यासिर व अह हबीब सभी मीट फैक्टरियों पर फिर से छापेमारी की। दोबारा से जिनमें मीट से संबंधित सामान मिला उनके नमूने लिये। इस मामले में कोई अधिकारी कुछ कहने से मना कर रहे हैं।
मुख्य बातें
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन टीम ने की कार्रवाई