सरधना। नगर पालिका क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन पर अब तक शौचालय निर्माण एवं प्रचार-प्रसार पर दो करोड़ बीस लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक नगर की जनता को गंदगी एवं जलभराव से निजात नहीं मिल सकी है। पालिका रिकार्ड में तो नगर को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए जुटी है परंतु धरातल पर स्थिति उलट है। नाले चोक होने से दूषित पानी सड़क एवं भूखंडों में जमा है। इससे मक्खी और मच्छर उत्पन्न हो रहे हैं। जिसके चलते बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
कस्बे में प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत मिशन पोस्टरों एवं होर्डिंग में ही चल रहा है। हालांकि उच्चाधिकारियों को भेजी रिपोर्ट में सब कुछ योजना के मुताबिक है। हालांकि धरातल पर स्थिति कुछ और ही बयां करती है। नगर की मुख्य सड़कों के किनारे कूडे़ के ढेर लगे हैं। नगर के चारों मुख्य रास्तों पर गंदगी पसरी हुई है। वहीं, गोबर से अटे नाले चोक हो चुुके हैं। आलम यह है कि नालों का दूषित पानी सड़कों और भूखंडों में जमा हो रहा है। इसके चलते सर्दी का मौसम होने के बावजूद मच्छरों का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं, पालिका रिकार्ड में स्वच्छ भारत मिशन खरगोश की चाल से दौड़ रहा है। हालांकि धरातल पर हालात खराब हैं। पालिका लिपिक विपिन शर्मा ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत पालिका द्वारा दो करोड़ बीस लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जिसमें सार्वजनिक शौचालय एवं व्यक्तिगत शौचालय निर्माण भी शामिल है। व्यक्तिगत शौचालयों पर 80 लाख रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। सार्वजनिक महिला शौचालय निर्माण पर पांच लाख रुपये खर्च हुए हैं। डस्टबिन पर 13 लाख रुपये खर्च किए गए। वहीं, प्रचार-प्रसार पर पालिका द्वारा सात लाख रुपये बैनर-होर्डिंग पर खर्च किए जा चुके हैं। वहीं, नगर का कूड़ा निस्तारण एवं सफाई के लिए दो गाड़ी, छह ट्रैक्टर-ट्रॉली, दो छोटी गाड़ी एवं दो जेसीबी स्वच्छ भारत मिशन अभियान के अंतर्गत लगाई गई हैं। इन सबके बावजूद कस्बे की हालत बदतर बनी हुई है। नगर पालिका का स्वच्छ भारत मिशन अभियान केवल रिकार्ड में दिख रहा है। धरातल पर स्थिति कुछ और नजर आ रही है। पालिका में जलभराव की समस्या के बारे में लिपिक विपिन शर्मा ने बताया कि पानी की टंकी के पाइप में लीकेज होने पर पालिका परिसर में जलभराव हो गया। इसे जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा। वहीं, कालंद चुंगी के निकट नाला बंद होने के कारण जलभराव की जानकारी से इनकार किया।
पालिका को स्वच्छ भारत मिशन अभियान अंतर्गत धन मिला है। इसे अभी शौचालय निर्माण एवं प्रचार-प्रसार पर खर्च किया गया है। सफाई के लिए अलग से बजट नहीं आया है। पालिका का स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सात छोटा हाथी एवं 125 ठेली कूड़ा डोर-टू-डोर उठाने के लिए खरीदने का प्रस्ताव है। नगर की सफाई व्यवस्था जल्द पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।-शबीला अंसारी चेयरपर्सन नगर पालिका सरधना
मुख्य बातें
2.20 करोड़ खर्च के बावजूद नगर में गंदगी और जलभराव का साम्राज्य
नाले चोक होने से सड़क एवं भूखंडों में जमा है दूषित पानी