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किसानों ने समिति पर की तोड़फोड़, लगाया जाम

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किसानों ने समिति पर की तोड़फोड़, लगाया जाम
मवाना। मवाना सहकारी विकास समिति में सोमवार को किसानों ने पर्ची वितरण में धांधली का आरोप लगाते हुए मवाना-पीरिक्षतगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। गुस्साएं किसानों ने अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर समिति में जमकर तोड़फोड़ की। जिसके बाद समिति में कार्य कर रहे कर्मचारी भाग खड़े हुए। सूचना पर सीओ मवाना, एसडीएम मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
जानकारी के अनुसार मवाना सहकारी विकास समिति में पर्ची वितरण का कार्य चल रहा है। सोमवार को दर्जनों गांव के किसान पर्ची लेने पहुंचे। किसानों ने आरोप लगाया कि अभी तक न तो उन्हें पर्ची मिल सकी है और न ही पक्का कैलेंडर मिला है। पर्ची नहीं मिलने से क्षुब्ध किसानों ने मवाना-परीक्षितगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम में फंसकर यात्रियों का बुरा हाल हो गया। इसी बीच समिति सचिव अपनी गाड़ी लेकर वहां से निकल गए। सचिव के जाने के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पर्ची वितरण कार्य बंद करा दिया। उन्होंने समिति में तोड़फोड़ की। पहले समिति सचिव प्रदीप शर्मा के कार्यालय को निशाना बनाया गया और पर्ची के लिए लाइन में खड़े किसानों के साथ भी अभद्रता व मारपीट की गई। इस दौरान समिति में कार्य कर रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और सभी वहां से भाग खड़े हुए। सूचना पर सीओ मवाना पंकज कुमार सिंह व थाना प्रभारी मनीष बिष्ट मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव ने किसानों से वार्ता की और जल्द समस्या का निस्तारण करने का आश्वासन दिया। जिस पर किसानों ने जाम खोला। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम पर काबू पाया। समिति सचिव प्रदीप शर्मा ने थाना मवाना में अज्ञात के खिलाफ समिति में तोड़फोड़ व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने को लेकर तहरीर दी है। थाना प्रभारी मनीष बिष्ट का कहना है कि तोड़फोड़ करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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तीन दिन में ही किसान हुआ भूमिहीन
छोटा मवाना निवासी किसान उमेश सगवा ने बताया कि उसके पास 15 बीघा जमीन है और इसी जमीन पर उसका बांड बना हुआ है। आरोप है कि तीन दिन पहले वह अपनी पर्ची के लिए आया था, जब उसे दो तीन दिन में पर्ची उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। परंतु सोमवार को पहुंचने के बाद उसे भूमिहीन किसान बता दिया गया। इसके अलावा किसान गौरव त्यागी, मुकेश आदि ने भी पर्ची नहीं मिलने का आरोप लगाया।

समिति की कुर्सी लेकर सड़क पर बैठे किसान
मवाना-परीक्षितगढ़ मार्ग पर जाम लगाने वाले किसान समिति की कुर्सी लेकर सड़क पर पहुंच गए और कुर्सी पर बैठकर उन्होंने जाम लगाया और जमकर हंगामा व नारेबाजी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुर्सियां हटवाकर जाम खुलवाया।

पुरानी व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग
समिति के बाहर जाम व हंगामा करने वाले चितवाना, छोटा मवाना, मीरपुर, खड़की, निलोहा, ढिकौली, महल, अटौरा आदि गांव के किसानों ने पुरानी व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि पुरानी व्यवस्था के चलते किसानों को सही समय पर कैलेंडर व पर्ची मिल जाती थी, परंतु गन्ना विभाग द्वारा एक कंपनी को ठेका दिए जाने के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यहीं कारण है कि किसानों को समय से पर्ची नहीं मिल पा रही है।

पर्ची वितरण में कोई धांधली नहीं हो रही है। सभी कार्य ईमानदारी से चल रहा है। कुछ शरारती तत्वों ने हंगामा कराया है। किसानों को सही समय पर पर्ची मिलेगी।
प्रदीप शर्मा, विशेष सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति मवाना

जिला गन्ना अधिकारी व समिति सचिव को साथ लेकर मंगलवार को समिति में किसानों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में पर्ची जल्द से जल्द किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जाएंगे। - अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना

क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचे तौल बाबू, हंगामा
बहसूमा। रहमापुर गांव में टिकौला शुगर मिल के क्रय केंद्र पर दोपहर तक तौल बाबु के नहीं आने से नाराज किसानों ने सोमवार को हंगामा किया। काफी देर तक हंगामे के बाद मिल अधिकारियों द्वारा तौल सुचारू करने पर किसान शांत हुए।
मेरठ पौडी राजमार्ग पर स्थित रहमापुर गांव में माखनगर के किसानों का टिकौला शुगर मिल का क्रय केंद्र है। सोमवार को क्रय केंद्र पर गन्ने से लदी भैसा बुग्गी व ट्रैक्टर लेकर गन्ना तुलवाने के लिए पहुंच गए। सुबह से दोपहर 12 बजे तक तौल बाबु के इंतजार के बाद गुस्साए किसानों ने क्रय केंद्र पर हंगामा करना शुरू कर दिया। किसानों का तर्क है कि मिल की ऑनलाइन तौल व्यवस्था गड़बड़ा गई है। इससे अच्छा तो मैनुअल कांटों पर कम से कम गन्ना तौल तो सुचारू हो जाती थी। किसानों ने पुरानी तौल व्यवस्था की बहाली की भी मांग की। हंगामे की सूचना राजीव चौधरी ने मिल अधिकारियों को दी। जिस पर मिल की ओर से जीएमकेन ऋषिराज शर्मा तौल बाबु व नया कांटे को लेकर मौके पर पहुंचे तथा किसानों को जैस्रे-तैसे शांत कर तौल सुचारू कराई। राजीव, सोमेश सिंह, अमित नागर, सचिन कुमार, कंवरपाल, राहुल, राहुल भाटी, संजय बैसला, हरबीर सिंह, महिपाल सिंह आदि रहे।


पर्चियों की समस्या से गुस्साएं किसान, नेशनल हाईवे किया जाम
- सकौती गन्ना समिति के सामने हाईवे पर धरने पर बैठे किसान
- डीसीओ ने समस्याओं के निपटारे के लिए मांगा दो दिन का समय, आश्वासन पर खुला जाम
- सपा नेता अतुल प्रधान, भाकियू नेता नवाब सिंह अहलावत भी किसानों के साथ धरने पर बैठे
- दौराला पुलिस ने देर शाम सपा नेता अतुल प्रधान, भाकियू नेता नवाब सिंह अहलावत समेत 20 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ की रिपोर्ट दर्ज
दौराला। सकौती गन्ना समिति से किसानों को पर्चियां नहीं मिलने से परेशान किसानों ने एन-एच 58 पर सकौती गन्ना समिति के सामने जाम लगा दिया। गुस्साएं सैकड़ों किसान हाईवे पर धरना देकर बैठ गए और गन्ना समिति के अधिकारियों को कार्यालय से बाहर निकालकर तालाबंदी कर दी। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सरधना अमित कुमार भारती, सीओ दौराला अखिलेश भदौरिया व कई थानों की पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया मगर किसान डीसीओ को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। सपा नेता अतुल प्रधान भी किसानों के साथ धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे जाम के बाद मौके पर पहुंचे डीसीओ अनंत प्रकाश शुक्ला ने समस्या के समाधान के लिए दो दिन का आश्वासन देकर गुस्साएं किसानों को शांत किया। देर शाम दौराला पुलिस ने सपा नेता अतुल प्रधान समेत 20 नामजद और 300 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सकौती गन्ना समिति से जुडे़ कई गांवों के किसान पर्ची नहीं मिलने की समस्या को लेकर पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके है। किसानों को पर्चियां समय से नहीं मिल रही है। किसान कई बार समिति सचिव योगेंद्र प्रसाद से मिले, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। किसानों के सामने गेहूं की फसल बुवाई की समस्या भी है। सोमवार को किसानों का सब्र टूट गया और गुस्साएं किसानों ने भाकियू नेता नवाब सिंह अहलावत व किसान सेवा समिति अध्यक्ष गौरव सोम के साथ में समिति अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके आफिस से बाहर निकालकर कार्यालय पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। हाईवे जाम की सूचना से पुलिस व प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम सरधना अमित कुमार भारती व सीओ अखिलेश भदौरिया ने गन्ना समिति सचिव योगेंद्र प्रसाद व डिप्टी पूनम राठौर से वार्ता कर समस्या के समाधान निकालने का प्रयास किया। सूचना पर सपा नेता अतुल प्रधान भी मौके पर पहुंचे और किसानों के साथ सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। अतुल प्रधान ने वहां मौजूद अधिकारियों से बात की मगर कोई हल निकलता नहीं देख उन्होंने भी मौके पर जिला गन्ना अधिकारी आनंद शुक्ला को बुलाने की बात कही। लगभग तीन घंटे के हंगामे के बाद डीसीओ आनंद शुक्ला धरने पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। बाद में उन्होंने दो दिन के अंदर पर्चियों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।

ये हैं किसानों की मांग
दौराला। किसानों को पर्ची समय से मिले। मृतक किसानों के वारिसों के नाम जो बांड बने है वो चालू हो। किसानों के घर पर पर्ची पहुंचे। किसानों को पर्ची की जानकारी नहीं मिल रही है ना वेंडर और ना ही कलेंडर की कोई जानकारी है। पर्ची के मामले में सुविधा शुल्क की मांग की जा रही है जिसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। मिल में पर्ची डालने की समय सीमा बढ़ाई जाए आदि मांग की है।

नेशनल हाईवे पर यातायात जाम करने के मामले में दौराला थाने पर सपा नेता अतुल प्रधान व भाकियू नेता नवाब सिंह अहलावत समेत 20 नामजद और 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
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मिथुन दीक्षित, इंस्पेक्टर दौराला

किसानों पर अत्याचार हो रहे है और अपनी मांगें उठाने पर पुलिस मुकदमे दर्ज कर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है इसका मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। किसानों के हित की लड़ाई लड़ने के लिए चाहे कितने भी मुकदमे लग जाए वह पीछे नही हटेंगे।
अतुल प्रधान, सपा नेता
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