गंगा घाट पर गोताखोर और पीएसी जवानों ने संभाला मोर्चा
मवाना। कार्तिक पूर्णिमा पर मखदूमपुर गंगा घाट पर लगे मेले में बुधवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगा घाट पर तंबुओं की नगरी मेले में प्रवेश करने से पहले ही दिखाई दे रही है। हालांकि मेले में अभी भी कुछ अव्यवस्थाएं हावी है, जिनको लेकर तैयारी पूर्ण की जा रही है। बुधवार को जिला पंचायत के गोताखोर व पीएसी के जवानों ने भी गंगा घाट पर नाव व बोट के साथ मोर्चा संभाल लिया है।
मेले में हर वर्ष की भांति बुधवार को गंगा घाट के पास बजरंग दल के शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का शुभारंभ भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र भड़ाना, सुद्रर्शन चक्र महाराज, बलराज डूंगर, सौरभ शर्मा, अमर रस्तोगी, महाराज गिरी ने संयुक्त रुप से झंडा लगाकर किया। मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यहां भंडारे का आयोजन किया गया है। देर शाम कार्यकर्ताओं ने मां गंगा की आरती उतारी।
मेले में पहुंचे मुखिया गुर्जर
जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह बुधवार को मेले में नहीं पहुंचे, बल्कि उनकी जगह उनके पिता मुखिया गुर्जर मेले में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत के पदाधिकारियों के साथ मेले का निरीक्षण किया। मेले में दिखी खामियों को लेकर उन्होंने जल्द उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला स्नान गृह, शौचालय आदि की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
वॉच टावरों की कमी
मेले में वॉच टावर इस बार दो जगहों पर लगाए गए है। पुलिस प्रशासन व लोगों की मांग पर दो टावर और बढ़ाने के लिए जिला पंचायत अधिकारियों ने आदेश दिए है। बृहस्पतिवार को दो टावरों का निर्माण कर दिया जाएगा।
प्रतिबंध के बाद भी हुई भैंसा दौड़
मखदूमपुर तक जाने के लिए होने वाली भैंसा दौड़ प्रतिबंध के बावजूद भी हुई। बुधवार को तीन दौड़ आयोजित की गई। सुबह चार बजे से यह दौड़ आयोजित हुई और मखदूमपुर मेले पर जाकर संपन्न हुई। परंतु पुलिस प्रशासन इससे पूरी तरह अंजान बना रहा। इस दौड़ में लाखों रुपये का सट्टा व हजारों रुपये का इनाम रखा गया था।
मेले में लगे विभिन्न विभागों के स्टाल
मखदूमपुर गंगा घाट पर लगने वाले मेले में इस पर किसानों व लोगों को जागरुक करने के लिए जिला पंचायत ने कई विभागों को स्टॉल लगाने के लिए आमंत्रित किया था। मेले में पशु चिकित्सालय, गन्ना विभाग, विज्ञान प्रदर्शनी, बीज भंडार आदि के स्टॉल लगाए गए है। मेले में आए श्रद्धालु इन स्टॉलों पर पहुंचकर विभिन्न जानकारियां हासिल कर रहे है।
मेले में श्रद्धालुओं ने खेल कर लिया आनंद
मखदूमपुर मेले में बुधवार को मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कबड्डी, कुश्ती, ताश आदि खेलकर समय व्यतीत किया। ढिकौली निवासी राजू ने बताया कि हरियाणा व मेरठ के पहलवानों ने कुश्ती कर अपना अपना लोहा मनवाया। उन्होंने बताया कि यह कुश्ती केवल हार जीत की थी। इसके अलावा महिलाओं ने गंगा मइया के गीत गाकर व मेला घूमकर अपना समय व्यतीत किया। मेले में आए श्रद्धालु राजू, उदित, गुड्डू, नीरज आदि ने बताया कि वह हर वर्ष मेले में आते है। इस बार भी मेले में आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। पहले दिन जब वह पहुंचे तो कोई व्यवस्था नहीं थी। हालांकि अभी भी व्यवस्थाओं में कमी है, लेकिन पहले से कुछ बेहतर है।
खनन माफियाओं पर नहीं लगाम
मेले में खनन माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए इस पर प्रशासन ने दिशा-निर्देश दिए थे, परंतु इसके बाद भी रेत खनन माफियाओं पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। बुधवार को भी दर्जनों ट्रैक्टर-ट्राली में रेत भरकर ले जाया जा रहा था, बावजूद वहां तैनात पुलिस उन पर रोक लगाने में नाकाम दिखी।
रेत खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जायेगा। बृहस्पतिवार से खनन माफियाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस बल शुरू में ही तैनात कर दिया जाएगा।
अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
मैं आज बाहर था, इसलिए नहीं आ सका। हालांकि श्रद्धालुओं के लिए सभी सुविधाएं मेले में करा दी गई है। यदि किसी को कोई समस्या है तो वह मेले में लगे जिला पंचायत के कार्यालय पर आकर बता सकता है। कुलविंदर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष
गंगा मेले में उमड़ रही भीड़
बहसूमा। क्षेत्र से प्रत्येक वर्ष गंगा स्नान को काफी संख्या में श्रद्धालु भैंसा बुग्गी व ट्रैक्टर ट्रालियों में सवार हो गंगा स्नान को जाते हैं। बहसूमा क्षेत्र के गांवों के ग्रामीण मकदूमपुर व धर्मपुरा चांदपुर जाते हैं। मेले में जाने के लिए लोगों में सालभर से जाने की उत्सुकता लगी रहती है।
गंगा मेले में कुछ लोगों को पिंड दान करने के लिए जाना होता है तो कुछ मौज मस्ती करने के लिए जाते हैं। शाहपुर बटावली, हसांपुर, रहमापुर, माखननगर, अकबरपुर झुनझुनी, सदरपुर, मौड़ कलां आदि गांवों के ग्रामीण मकदूमपुर मेले में तथा रामराज क्षेत्र के ग्रामीण धर्मपुरा चांदपुर मेले में स्नान के लिए जाते है। इस बार टिकौला मिल द्वारा आनलाइन कांटों की चरमराती व्यवस्था से किसान के खेत गेहूं बुआई के लिए खाली नहीं होने से आधे अधूरे मन व मवाना चीनी मिल द्वारा बकाया भुगतान नहीं करने पर आर्थिक तंगी से परेशान किसानों का गंगा स्नान फीका होता दिख रहा है। लोगों में इस बार उत्साह कम है। लेकिन इन सबके बावजूद मेले में जाने के लिए भैसा बुग्गी व ट्रैक्टर ट्रालियों का रैला लगा हुआ है।