मेरठ/सरुरपुर। पेराई सत्र शुरू होते ही गांवों में लगे गन्ना सेंटरों के विवाद भी गरमाने लगे हैं। गांव जटपुरा के किसानों ने केबिनेट मंत्री डॉ. सत्यपाल सिंह के प्रतिनिधि कपिल शर्मा पर सेंटर नहीं चलने देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कपिल शर्मा गन्ना सेंटर को अपने खेत में लगाने का दबाव बना रहा है, जबकि पूरा गांव जहां कांटा लगा है वहीं चलाने की मांग कर रहा है। किसानों ने भाकियू जिलाध्यक्ष संग गन्ना भवन पहुंचकर उप गन्ना आयुक्त और डीसीओ से मुलाकात कर मांग ज्ञापन सौंपा। किसानों ने शुक्रवार को सेंटर नहीं चलने पर गंगनहर पटरी पर जाम लगाने की चेतावनी दी है।
भाकियू के जिला अध्यक्ष गजेंद्र सिंह के के नेतृत्व में जटपुरा के दर्जनों किसान बृहस्पतिवार को गन्ना भवन पहुंचे। किसानों ने डीसीओ से मिलकर आरोप लगाया कि सांसद प्रतिनिधि के दबाव में आकर तौल नहीं की जा रही है। बताया कि गत सीजन में सिंभावली मिल प्रबंधन ने सांसद के प्रतिनिधि व गांव जटपुरा निवासी कपिल शर्मा के दबाव में उसके खेत में कांटा लगा दिया था। किसानों का आरोप है कि किसानों पर दबाव बनाकर उनसे कांटा जारी रखने की एवज में 32 हजार रुपये की वसूली प्रतिनिधि के भाई ने करने के बाद दोबारा से तौल चालू कराई थी जबकि मिल प्रबंधन से भी किराये के 18 हजार रुपये वसूले थे। अब इस सत्र में गन्ना आयुक्त ने किसानों की समस्या को देखते हुए बजाज शुगर मिल किनौनी को क्रय केंद्र जटपुरा में लगाने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद मिल की ओर से गन्ना क्रय केंद्र लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई तो किसानों का आरोप है कि दोबारा से फिर सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा ने सत्ता की हनक दिखाते हुए मिल प्रबंधन पर दबाव बनाया कि कांटा उसके खेत में ही लगाया जाए। राजवीर, विपिन, चांदवीर, वीरपाल, कविंद्र, नरेश, रणवीर, बबलू, जयेंद्र, ब्रजवीर, शरणवीर व विनोद कुमार आदि ने आरोप लगाया कि प्रतिनिधि ने इस बार भी किसानों से कहा कि पचास हजार रुपये मिलने पर ही गन्ना आपूर्ति की जाएगी। किसानों ने सीधे मिल से संपर्क करके चार दिन पहले कांटा दूसरे खेत में लगवाकर चाूल कराते हुए समिति से इंडेंट जारी करवा लिया। इससे नाराज सांसद प्रतिनिधि ने किसानों का खुला चैलेंज दिया कि यदि कांटा उसके खेत में नहीं लगा तो वह तौल नहीं होने देगा। अब किसान दो दिनों से गन्ना क्रय केंद्र पर गन्ना तुलवाने के लिए बुग्गी लिये खडे़ हैं मगर मिल ने सांसद प्रतिनिधि के दबाव में तौल करने लिपिक नहीं भेजा। गन्ना अधिकारियों ने सेंटर चालू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही किसान लौटे। वहीं, सांसद प्रतिनिधि कपिल शर्मा का कहना है कि कुछ किसान बेवजह मामले का तूल दे रहे हैं वे केवल भाजपा कार्यकर्ताओं की लड़ाई लड़ रहे हैं रुपये लेने का आरोप बेबुनियाद है।
बजाज शुगर मिल किनौनी गन्ना महाप्रबंधक राजकुमार टाया का कहना है कि बाट माप विज्ञान विभाग की ओर से सर्टिफिकेट जारी नहीं हो पाने से तौल नहीं हो पाई है। इसे लेने में कुछ समय लगा है इंडेंट तो किसानों की मांग पर जारी कर दिया गया था।