सरधना तहसील क्षेत्र के 56 गांव हैं मेरठ विकास प्राधिकरण सीमा क्षेत्र में
मूलभूत सुविधाओं की जगह प्रलोभन वाले का दिखावा
इन आवासीय कॉलोनियों में न बिजली, न पानी और न पार्क मानक अनुसार
अमर उजाला ब्यूरो
सरधना। नगर के साथ देहात क्षेत्र के 56 गांव को मेरठ विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया है। जिससे इन गांवों की भूमि के होने वाले बैनामे के दौरान अतिरिक्त स्टॉंप शुल्क भी लगने लगा है। नगर के आसपास के क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर कॉलोनियां धड़ल्ले से काट रहे हैं। सरधना कस्बे से सटे देहात क्षेत्र में दर्जनभर से अधिक कॉलोनी मानकों को ताक पर रखकर विकसित हो चुकी हैं। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर लोगों को इन कॉलोनियों में प्लाट खरीदने वालों को मेरठ विकास प्राधिकरण के मानकों की जानकारी नहीं हैं। इस मामले में एसडीएम ने बृहस्पतिवार को कॉलोनियों की जांच करने की जानकारी दी है।
नगर की कालंद रोड, मेरठ रोड, बिनौली रोड, लोकप्रिय इंटर कॉलेज रोड, दौराला रोड के साथ आसपास का क्षेत्र मेरठ विकास प्राधिकरण अंतर्गत है। सरधना देहात के साथ ही तहसील क्षेत्र के 56 गांव इस क्षेत्र में हैं। जिनमें बैनामे के दौरान अतिरिक्त स्टांप शुल्क लगता है। मेरठ विकास प्राधिकरण क्षेत्र में कॉलोनी निर्माण के लिए प्रॉपर्टी डीलर को कुछ नियम एवं शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। इसके बाद कृषि भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित की जा सकती हैं। जिसमें सबसे पहले तहसील एवं चकबंदी रिकार्ड में लैंड यूज बदलवाना पड़ता है। सब रजिस्टार प्रेम सिंह ने बताया कि आवासीय कॉलोनी जिस भूमि पर विकसित होती है, उस भूमि का करीब 33 प्रतिशत भाग सड़क एवं पार्क आदि में लगता है। साथ ही सड़क की चौड़ाई कम से कम 25 फीट होनी चाहिए। बिजली के साथ पार्क की भी व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, सरधना में मानक से उलट कॉलोनी धड़ल्ले से काटी जा रही हैं। इसके बावजूद किसी भी महकमें का अभी तक ध्यान नहीं है। सरधना में कृषि भूमि पर धड़ल्ले से आवासीय कॉलोनी काटी जा रही हैं। रास्ते की चौड़ाई भी अधिकतर बीस फीट और कम से कम दस फीट तक इन कॉलोनियों में हैं। अधिकतर कॉलोनी मेें न बिजली है और न ही पार्क की व्यवस्था। इस संबंध में एसडीएम अमित कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। वह बृहस्पतिवार को स्वयं जाकर जांच करेंगे। यदि मानक अनुरूप कॉलोनी विकसित नहीं पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।