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आश्वासन के बाद ही उठने दिया ठेकेदारों ने सामान

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खरखौदा। कोलकाता की कंपनी इएमसी लिमिटेड को विद्युत उर्जा निगम का 657 करोड़ का टेंडर मिला था। जिसमें कंपनी को हापुड़ समेत कई जिलों में हाईटेंशन लाइन का निर्माण करना था। काम समय से पूरा नहीं होने पर ने कंपनी से काम छीनकर दूसरी कंपनी को दे दिया। इस पर ठेकेदारों ने सोमवार को गोदाम से सामान नहीं उठाने दिया।
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यूपीपीटीसीएल ने हापुड़ से परतापुर के लिए 220 केवी, हापुड़ से बाबूगढ़ 132 केवी, सिंभावली से शताब्दीनगर 220 केवी व हापुड़ से परतापुर के लिए 132 केवी लाइन समेत पांच लाइन के निर्माण के लिए 18 पेटी ठेकेदारों को ठेका दिया था। जिसमें ठेकेदारों ने चार लाइनों का समय से निर्माण कर दिया। कपंनी द्वारा समय से ठेकेदारों का बकाया भुगतान नहीं करने पर एक लाइन का निर्माण समय से पूरा नहीं हो पाया। ठेकेदारों ने चार लाइनों का चार्ज तो दे दिया, लेकिन एक लाइन का कार्य पूरा नहीं हुआ। इस पर यूपीपीटीसीएल ने इएमसी कंपनी से निर्माण कार्य छीन लिया। उधर कपंनी ने सभी ठेकेदारों का करीब 1.42 करोड़ का बकाया रोक लिया। उधर, यूपीपीटीसीएल ने इएमसी से ठेका छीनकर किसी अन्य कंपनी को दे दिया। गांव कैली में कपंनी ने सामान का गोदाम है। यूपीपीटीसीएल के अधिकारी शनिवार को दूसरे ठेकेदार को गोदाम में पडे़ सामान को हैंडओवर करने पहुंचे। इसका ठेकेदारों ने विरोध किया था। सोमवार को तहसीलदार सदर संतोष कुमार मेरठ, अधिशासी अधिकारी राहुल नंदा, एसडीओ, जेई व अधिशासी अधिकारी बागपत आदि पुलिस बल के साथ गोदाम पहुुंचे। इस पर ठेकेदार भी पहुंच गए। जिसमें तहसीलदार एवं अधिशाशी अधिकारी दोनों ने ठेकेदारों को छह दिन में समस्या का निस्तारण करने का आश्वासन दिया।
इएमसी कंपनी, बैंक एवं कांट्रेक्टर के साथ मिलकर खाता खोला जाएगा। जिसमें निगम पर बकाया पैसा कंपनी के नाम चेक से दिया जाएगा। जिससे समस्या का हल होगा। -राहुल नंदा अधिशासी अधिकारी।
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