...जिसने छोड़ दी अपनी पत्नी, वो देश के प्रधानमंत्री बने
- राजकीय इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ कवि सम्मेलन
अमर उजाला ब्यूरो
हस्तिनापुर। राष्ट्र के अमर शहीदों व जांबाज सैनिकों को समर्पित अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन साहित्य संगम परिषद द्वारा राजकीय इंटर कालेज के क्रीडास्थल पर आयोजित किया गया । जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जगदीश त्यागी ने फीता काटकर किया।
कवि मनवीर मधुर ने अपने काव्य पाठ के दौरान कहा कि हमारे शौर्य की अद्भुत कहानी कौन लिखेगा। सदा दुश्मन किए हैं पानी-पानी कौन लिखेगा। अगर यूं ही लड़ते रहे वतन को छोड़कर तन पर, बताओ फिर जवानी को जवानी कौन लिखेगा। कवि संजीव भ्रमर ने कहा कि देवो पे यहां एक सुमन चढ़ता नहीं है, कुर्बानियों को एक भी सर बढ़ता नहीं है। हास्य रस कवि अखिलेश द्विवेदी ने अपनी पढ़ा कि जो हैं पढ़े लिखे वो सब हैं संतरी बने, अपराधी माफिया हैं जो वो मंत्री बने। जिसने विवाह करके छोड़ दी अपनी पत्नी, वो अपने देश में प्रधानमंत्री बने। दिनेश रघुवंशी ने पढ़ा कि अजर है आत्मा ये तो न मिटती है न मरती है, मगर कुर्बानियों से मुल्क की सूरत निखरती है। कोई दुश्मन करेगा क्या कि अब इस देश की बेटी पहन वर्दी पिता के चित्र को सैल्यूट करती है। कवि पद्म अलबेला ने पढ़ा कि कर्म उजागर हो रहे बाबा है भयभीत। हनीप्रीत की प्रति पर तड़प रहे गुरमीत। कवि विनीत चौहान ने कहा कि इतना खून नहीं छिड़क कि मौसम फागी हो जाए, सेना को इतना मत रोको कि बागी हो जाए। कार्यक्रम का संचालन मनोज प्रकाश गोयल व दिनेश रघुवंशी ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता समाजसेवी आजाद कुमार बंसल ने की व मुख्य अतिथि मनिंदर पाल सिंह चेयरमैन जिला सहकारी समिति बैंक मेरठ एवं समाजसेवी चौ. कल्याण सिंह रहे। आयोजन के विशिष्ट अतिथि डॉ. सुधीर कुमार त्यागी, डॉ. विजय कुमार, इंजीनियर पीसी केन, संजय मेहता रहे। डॉ. शक्ति साहनी, विनोद कुमार भाटी, अनुराग दुबलिश ने संयुक्त रूप से मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया। संयोजक संजीव भ्रमर व सहसंयोजक यशपाल ने पधारे हुए सभी महानुभवों का आभार व्यक्त किया।