खरखौदा। लोहियानगर में कूड़ा डालने का विरोध करना ग्रामीणों को भारी पड़ सकता है। नगर निगम प्रशासन ने कूड़े का विरोध करने वालों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है।
शहर के कूड़े का निस्तारण होता नहीं नजर आ रहा है। पहले गांवड़ी में ग्रामीणों ने कूड़ा डालने का विरोध किया तो नगर निगम ने लोहियानगर में खाली पड़ी भूमि पर कूड़ा डालना शुरू कर दिया। वहां भी घोसीपुर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनवारूद्दीन के नेतृत्व में कई दर्जन ग्रामीणों ने चार दिन पहले कूड़ा डालने का विरोध किया था। साथ ही नगर निगम कर्मचारियों को बंधक बना लिया था। वहीं महानगर से प्रतिदिन निकलने वाला करीब 3200 मीट्रिक टन कूड़ा ढलाव घरों में भरा पड़ा है। 1800 मीट्रिक टन कू ड़ा सड़कों पर पड़ा है।
ग्रामीणों ने नगर निगम के कर्मचारियों को चेतावनी दी थी कि यदि लोहियानगर में कूड़ा डालना बंद नहीं किया तो सड़कों पर उतरकर विरोध करना पडे़गा। जिसको लेेकर दो दिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने थाना खरखौदा पर कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में तहरीर दी थी। लेकिन ग्रामीणों ने अपना विरोध कम नहीं किया तो शुक्रवार को नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन ने थाने पहुंचकर काजीपुर निवासी रोहित गुर्जर पुत्र उधम सिंह, रामकुमार पुत्र महकार, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनवारुद्दीन, सहिबे आलम पुत्र अलाउद्दीन, रिंकू भड़ाना, भारत भड़ाना, संदीप कुमार, मनोज कुमार, एसके सारू, नवीन गुर्जर, सूरज, देवेंद्र जाटव, अक्षय भड़ाना, सागर सिंह, लीलू कुमार व दीपक कुमार सहित कई अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में नामजद तहरीर दी है। थानाध्यक्ष का कहना है कि मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
जेल जाना मंजूर, लेकिन कूड़ा नहीं
चाहे मुकदमा दर्ज हो या जेल। लोहियानगर में कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा। अभी तो ग्रामीण हलका विरोध कर रहे थे। यदि गनर निगम कूड़ा डालना बंद नहीं करेगा तो लोहियानगर सहित आसपास के दर्जनों गांव के ग्रामीणों की एक महापंचायत की जाएगी तथा आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। रोहित गुर्जर, कांग्रेस सेवा दल के जिलाध्यक्ष