मवाना। नगर पालिका में बतौर बीएलओ ड्यूटी कर रहे पालिका के दो लिपिक तथा एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रविवार को पालिका कार्यालय में शराब पीते पकडे़ जाने पर भी अधिकारियों ने उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया। इस पर सवाल खडे़ हो रहे हैं।
नगर पालिका के लिपिक अनिल कुमार, अजीत कुमार तथा चतुर्थ श्रेणी अनुज कुमार रविवार को मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम शामिल करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में पालिका में ड्यूटी पर थे। इन्होंने ड्यूटी के दौरान ही पालिका के कार्यालय संख्या तीन में शराब पी थी। इसकी गवाही मौके पर पड़ी शराब की खाली कैन, नमकीन के पैकेट आदि दे रहे थे। बताया कि ये तीन ही नहीं थे और भी कुछ लोग शामिल थे। इनमें एक लेखपाल भी था। अन्य लोग तथा लेखपाल मौका देखकर वहां से खिसक गए थे।
उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने तहसीलदार अशोक गुप्ता को मौके पर जांच के लिए भेजा था। तहसीलदार ने कमरा संख्या तीन की हालत देख दोनों लिपिकों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को जमकर फटकार लगाई थी। मामला हाईकमान तक पहुंचने पर जिलाधिकारी के आदेश पर तत्काल प्रभाव से लिपिक अनिल कुमार, अजीत कुमार तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अनुज कुमार को निलंबित कर दिया था। प्रशासन द्वारा इतने गंभीर मामले में लापरवाही पूर्ण कार्रवाई करने पर उंगली उठ रही है। लोगों का कहना है कि जब बीएलओ के ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर उनके खिलाफ एफआईआर के आदेश हैं तो इनके शराब पीते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। नगर पालिका के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख शेष को चिह्नित क्यों नहीं किया गया। तीनों आरोपियों समेत लेखपाल की डॉक्टरी क्यों नहीं कराई गई। बिना किसी जांच के तहसील अधिकारियों ने लेखपाल को क्लीन चिट कैसे दे दी। इस संबंध में उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव का कहना है कि इस संबंध में उनको जानकारी नहीं है। जिलाधिकारी के आदेश पर तीनों पालिका कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
निलंबित कर्मचारी सफाई विभाग से संबद्ध किए
नगर पालिका चेयरमैन अय्यूब कालिया ने पालिका के कर लिपिक अजीत सिंह, कार्यवाहक सफाई लिपिक अनिल कुमार तथा जलकल विभाग के अनुचर अनुज कुमार को दिए पत्र में कहा कि आप द्वारा निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में ड्यूटी न करके पालिका कार्यालय में शराब पी गई थी। यह कर्तव्य में लापरवाही, उदासीनता, कर्तव्यों का निर्वहन न करना, आचरण सेवा नियमावली का उल्लंघन एवं पालिका की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर योगेश कुमार श्गोलियान सफाई निरीक्षक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। निलंबन काल में तीनों को सफाई विभाग से संबद्ध किया है।
मुख्य बातें
पालिका कार्यालय में शराब पीते पकड़े जाने पर भी नहीं कराई मेडिकल जांच
निलंबित तीनों कर्मचारियों को सफाई विभाग से संबद्ध किया