हस्तिनापुर। खादर क्षेत्र में गंगा एवं सोती नदियों का जलस्तर मौसम में आए बदलाव के चलते घट गया है। जिससे खादर क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।
गंगा का जलस्तर बृहस्पतिवार को बिजनौर बैराज पर एक लाख आठ हजार क्यूसेक के चलते कम हो गया है। इस क्षेत्र के कई गांवों के रास्तों से पानी कम हो गया है। इससे गांवों को जाने वाले लोगों को कुछ राहत मिली है। वहीं, अब भी खेतों में भरे बाढ़ के पानी से फसलों के नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके खेतों में भरे पानी से फसलें नष्ट होने के कगार पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बरसात से गंगा का पानी लगातार चार-पांच दिन से घट-बढ़ रहा था। जिससे खादर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसान परेशान थे। आज प्रात: बिजनौर और हरिद्वार बैराज पर गंगा के जलस्तर में कुछ गिरावट आई है। अवर अभिंयता सिंचाई विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात कम होने से गंगा का जलस्तर आज प्रात: मात्र एक लाख आठ हजार क्यूसेक रह गया। जिससे बाढ़ का खतरा कम हो गया है। पिछले कुछ वर्ष पूर्व आई भंयकर बाढ़ से बामनौली से सिरजेपुर हंसापुर जाने वाला तथा भीकुंड मार्ग मखदूमपुर और दूधली से बस्तौरा जाने वाले मार्ग कई स्थानों से बाढ़ से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। ग्रामीणों को अब भी इन मार्गों पर आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन पर सवारियां ले जाने वाले वाहन भी बंद हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन गंगा के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव से अनिश्चितता बनी हुई है। रात्रि में किस समय जलस्तर बढ़ जाए उसके लिए हर समय सचेत रहना पड़ता है। उनके पशुओं को अब भी चारा नहीं मिल पा रहा है। जिससे उन्हें भूखे रहना पड़ रहा है। इससे भी किसान काफी चिंतित हैं। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को आवागमन के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई में परेशानी आ रही है। विधायक दिनेश खटीक का कहना है कि बाढ़ग्रस्त गांव सिरजेपुर, फतेहपुर प्रेम के बीच एवं अन्य स्थानों पर क्षेत्र में टूटे तटबंध को दुरुस्त कराया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को बाढ़ से काफी राहत मिलेगी। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियाें की टीम ने मौके का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। जिससे जल्द ही समस्या का समाधान होने की संभावना है।
मुख्य बातें
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश कम होने से गंगा का जलस्तर 1.08 लाख क्यूसेक