मेरठ। दहेज उत्पीड़न और दुष्कर्म के प्रयास के मुकदमे की सुनवाई करते हुए पति सहित चार आरोपियों को एडीजे-10 रत्नेशमणि त्रिपाठी ने कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार महिला थाने में तीन साल पहले इसका मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें वादी मुकदमा ने बताया कि उसने अपनी बेटी की शादी साल 2013 में खरखौदा थाना क्षेत्र में की थी। आरोप था कि ससुराल वाले उसकी बेटी का दहेज के लिए उत्पीड़न करते थे। थाना पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी पति साजिद, सास, ससुराल पक्ष की एक महिला और एक अन्य आरोपी रिजवान के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। सरकारी वकील यशवंत सिंह ने वादी और पीड़िता सहित कई गवाह पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर न्यायालय ने पति और सास सहित चारों आरोपियों को दहेज उत्पीड़न और मारपीट का दोषी पाकर तीन-तीन साल का कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, अभियुक्त पति को दुष्कर्म के प्रयास का दोषी पाते हुए पांच साल के कारावास व अर्थदंड से दंडित किया है।