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महामाई भूमि की ओर गेट अवैध बता शांति भंग करने पर दिए कार्रवाई करने के आदेश।

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मवाना। महामाई ट्रस्ट की भूमि की ओर खुले दरवाजे को उपजिलाधिकारी ने दोनों पक्षों के कागजात देख अवैध बताया। उन्होंने थाने से एसएसआई को बुलाकर निर्देश दिए कि यदि कोई शांतिभंग का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी की जाए। इसके बाद निर्माण कार्य पुन: शुरू कर दिया गया।
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उल्लेखनीय है कि महामाई ट्रस्ट की भूमि के पीछे की ओर समुदाय विशेष के व्यक्ति के मकान का दरवाजा है। ट्रस्ट द्वारा उक्त भूमि की चारदीवारी कराई जा रही है। गेट के आगे निर्माण का समुदाय विशेष के व्यक्ति ने विरोध किया था। जिस पर बुधवार देर शाम दोनों पक्षों में पुलिस के सामने ही कहासुनी तथा जमकर हाथापाई हुई थी। बमुश्किल पुलिस ने मामला शांत किया था।
मामला उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव के संज्ञान में आने पर उन्होंने विवाद के हालात देख फिलहाल निर्माण कार्य को रुकवा दिया था। दोनों पक्षों को पत्राजात के साथ अपने कार्यालय में बुलाया था। वहीं, बृहस्पतिवार को दोनों पक्ष अपने-अपने पत्राजात के साथ बुलाकर दोनों पक्षों के कागजात चेक किए। इसके बाद उन्होंने महामाई ट्रस्ट की भूमि की ओर खुले गेट को अवैध बताया। ट्रस्ट को निर्माण कार्य शुरू कराने के आदेश दिए। उन्होंने एसएसआई भरतलाल शाह को निर्देश दिए कि यदि कोई शांतिभंग करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके बाद दोनों पक्ष लौट गए। वहीं, ट्रस्ट द्वारा निर्माण कार्य पुन: शुरू करा दिया गया।
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मुख्य बातें
एसडीएम ने शांतिभंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दिए निर्देश

जौहड़ से अवैध कब्जा हटाने की मांग उठाई
मवाना। विश्व हिंदू परिषद् के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में महामाई ट्रस्ट की भूमि के पीछे स्थित जौहड़ की भूमि पर भूमाफिया द्वारा कब्जा कर मकान बनाने की शिकायत कर जांच कराकर कब्जा मुक्त कराने एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विहिप कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव को दिए ज्ञापन में कहा कि हाईवे स्थित पुलिस चौकी के समीप श्री मंदिर महामाई ट्रस्ट की भूमि है। उसके ठीक पीछे वर्षों पहले जौहड़ था। जिस पर कुछ भूमाफिया ने कब्जा कर लिया। इसके बाद यहां पर अवैध रूप से मकान बना लिये। जिससे सरकार एवं सरकारी भूमि को हानि पहुंचाई है। यह कृत्य पूर्ण रूप से गैर कानूनी है। ज्ञापन में मांग की कि उक्त सरकारी भूमि की जांच कराकर उसको मुक्त कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उपजिलाधिकारी ने तहसीलदार को जांच करने के आदेश दिए हैं। ज्ञापन देने वालों में जिला मंत्री सौरभ शर्मा, आशु त्यागी, योगेंद्र जाटव, अमर रस्तोगी आदि थे।
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