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रिटायर्ड एई और पुत्र को आय से अधिक संपति में कैद

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मेरठ। स्पेशल जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) शिव सिंह यादव ने आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे में सुनवाई करते हुए नलकूप खंड के रिटायर्ड सहायक अभियंता कृष्ण मुरारी अग्रवाल व उनके पुत्र राजीव अग्रवाल को तीन साल की सजा सुनाते हुए 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। 27 साल पुराने मामले में दोषी रिटायर्ड एई की वर्तमान में उम्र करीब 85 साल है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना क्वारसी जिला अलीगढ़ में 30 जुलाई 1991 के अनुपालन में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने संबंधी इन आरोपों की जांच की गई। जिसमें जांच अधिकारी द्वारा 12 जून 1997 से अक्तूबर 1991 की चेक अवधि निर्धारित कर जांच करते हुए आय के रूप में करीब 18,77,349 रुपये तथा 26,88,025 रुपये खर्चा पाया गया। जिसमें 8,10,676 रुपये आय से अधिक पाए गए। जिसका कोई प्रमाणपत्र कृष्ण मुरारी अग्रवाल पुत्र जानकी प्रसाद निवासी न्यू विष्णुपुरी अलीगढ़ नहीं दे पाए।
जांच अधिकारी ने भ्रष्टाचार के मुकदमे में आरोप पत्र 22 नवंबर 2003 को न्यायालय में दाखिल किया। जिसमें कृष्ण मुरारी के पुत्र राजीव अग्रवाल के विरुद्ध षड्यंत्र में शामिल होने का हवाला दिया गया। इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मेरठ के न्यायालय में की गई। जहां पर सरकारी वकील विरेश त्यागी ने सतेंद्र कुमार मित्तल, रमेश चंद बंसल, अवध नरेश दूबे, राधेश्याम गुप्ता सहित 10 गवाह पेश किए, जिनके बयानों के आधार पर स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शिव सिंह यादव ने कृष्ण मुरारी अग्रवाल व उसके पुत्र राजीव अग्रवाल को भ्रष्टाचार से आय से अधिक संपत्ति व षड्यंत्र में शामिल होने का दोषी पाते हुए तीन साल के कारावास व 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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34 साल की अवधि की जांच
आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपी कृष्ण मुरारी अग्रवाल को 85 साल की उम्र में सजा हुई है। कृष्ण मुरारी अग्रवाल नलकूप खंड में सहायक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सन 1957 से 1991 की अवधि में अर्जित की गई संपत्ति की जांच की गई थी।
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खास बातें:
27 साल पुराने मुकदमे में 85 साल की उम्र में मिली तीन साल की सजा
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