आधा-अधूरा स्टाफ, पूरी सेवा की आस
मवाना। हस्तिनापुर रोड स्थित रोडवेज बस स्टैंड बने लगभग एक दशक से अधिक समय बीत चुका है। जिसका भाजपा सरकार बनने के बाद हस्तिनापुर विधायक ने उद्घाटन किया था। रोडवेज बसों का यहां से आवागमन तो शुरू हो गया। हालांकि आज तक यहां स्टाफ की पूर्ति नहीं की गई। कांवड़ यात्रा में रूट डायवर्जन कर कई डिपो की बसों को मवाना रोडवेज बस अड्डे पर भेजने की तैयारी है। बिना स्टाफ की व्यवस्था कैसे संभलेगी यह प्रशासन के लिए चुनौती का विषय है।
बताते चलें कि नगर के लोगों की मांग पर लगभग एक दशक पहले मवाना में हस्तिनापुर रोड पर रोडवेज बस अड्डे का निर्माण करा दिया गया था। इसके बाद बस अड्डे को बसों का इंतजार रहा। भाजपा सरकार बनने के बाद यहां से रोडवेज बसों का आवागमन शुरू हुआ और विधायक दिनेश खटीक ने इसका शुभारंभ किया। बात रोडवेज बस अड्डे पर तैनात स्टाफ की करें तो यहां आज तक स्टाफ पूरा नहीं हो सका है। रोडवेज अड्डे पर एक बाबू व चार सहायक तैनात हैं। जिनमें से एक सहायक मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गया। ऐसे में अब रोडवेज अड्डे की जिम्मेदारी एक बाबू व तीन सहायकों पर है, जबकि अभी रोडवेज अड्डे पर एक बाबू व दो सहायक की जरूरत और है। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ष प्रशासन रूट डायवर्जन कर हरिद्वार, कोटद्वार, बिजनौर, उत्तराखंड डिपो आदि बसों को मेरठ-बिजनौर मार्ग से निकालता है। इसके अलावा खतौली, भैसाली आदि डिपो की बसों को भी मवाना रोडवेज अड्डे पर कांवड़ियों के लिए लगाया जाना है। स्टाफ की कमी के चलते रूट डायवर्जन के दौरान व्यवस्था पटरी पर कैसे आयेगी यह सोचने का विषय है।
वर्कशाप नहीं हो सकी शुरू
एक दशक बीत जाने के बाद भी मवाना रोडवेज अड्डे पर आज तक वर्कशाप की व्यवस्था नहीं की गई। सोचने का विषय है कि यदि रोडवेज बस खराब हो जाए तो उसे कैसे ठीक किया जायेगा। कांवड़ यात्रा में कई डिपो की बसों का यहां से संचालन होना है यदि ऐसे समय में कोई बस खराब हो जाती है तो रोडवेज अड्डे पर तैनात कर्मचारियों व बस में सवार कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
प्राइवेट बस हटाने को दिया प्रार्थना पत्र
रोडवेज बस अड्डे के सामने खड़ी होने वाली प्राइवेट बसों को हटाने के लिए रोडवेज अड्डा प्रभारी अवधेश कुमार ने थाना प्रभारी व एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान अन्य डिपो की बसें भी यहां आनी है। प्राइवेट बसों के यहां खड़ा होने से दिक्कतें पेश आयेंगी। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि जल्द बसों को हटवाया जायेगा।
वर्जन
कांवड़ियों की भीड़ शुरू होने से पहले ही बस अड्डे पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती कर दी जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। -नीरज सक्सेना, आरएम मेरठ रोडवेज रीजन
मुख्य बातें
एक दशक बाद भी रोडवेज बस अड्डे पर कर्मचारी स्टाफ का टोटा
कांवड़ यात्रा के दौरान यहां पहुंचती हैं दूसरे राज्यों की भी बसें