खरखौदा। राष्ट्रीय राजमार्ग 235 पर फफूंडा में बाईपास पर पीपलीखेड़ा समेत कई गांवों के लोग अंडरपास की मांग कर रहे हैं। पहले जनप्रतिनिधि अंडरपास बनवाने का आश्वासन देते रहे, लेकिन अब हाथ खडे़ कर दिये। इस पर ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य पति के आवास पर सोमवार को बैठक कर प्रशासन को चेतावनी दी। ग्रामीण दो अगस्त से सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
मेरठ से बुलंदशहर तक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए एनएचएआई को किसानों की जमीन पर कब्जा करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस राजमार्ग पर कहीं तो पुरानी रोड का चौड़ीकरण तथा फफूंडा, खरखौदा एवं कैली में गांव के बाहर बाईपास निकाले जा रहे हैं। निर्माण कंपनी ने अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा कर काफी काम पूरा कर लिया है। फफूंडा बाईपास पर पुलिया से पीपलीखेड़ा संपर्क मार्ग तक निर्माण कंपनी काम रही थी। इसका निर्माण पीपलीखेड़ा संपर्क मार्ग पर पहुंचा तो निर्माण कंपनी ने इस रोड पर किसी अंडरपास का निर्माण नहीं किया। ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया था। फफूंडा निवासी ग्रामीणों ने बताया कि यह सर्विस रोड है। गांव पीपलीखेड़ा, बिजौली, गोविंदपुरी, आड़, मुंडाली, खड़खड़ी, खासपुर, बवनपुरा, गांव अतराड़ा समेत कई दर्जन गांवों को जोड़ती है। जल्द ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण कराया है। इसी रोड पर फफूंडा सीएचसी एवं श्मशान भी है। वहीं, गांव फफूंडा के ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा जमीन भी इस राजमार्ग को पार करके है। अंडरपास की मांग को लेकर गांव फफूंडा समेत गांव अल्लीपुर के भी सैकड़ों ग्रामीण धरने पर बैठे थे। इस पर दक्षिण विधायक सोमेंद्र तोमर मौके पर पहुंचे थे तथा अंडरपास के निर्माण का आश्वासन दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि दक्षिण विधायक व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने इस रोड पर अंडरपास निर्माण के लिए हाथ खडे़ कर दिए। जिसमें ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। महापंचायत का एलान
इस मांग को लेकर सोमवार को फफूंडा समेत कई गांवों के लोगों ने फफूंडा में जिला पंचायत सदस्य पति संदीप प्रधान के आवास पर बैठक की। इसमें संदीप प्रधान एवं सपा नेता ओमपाल सिंह गुर्जर ने बताया कि ग्रामीण सपा के नेतृत्व में लड़ाई लडे़ंगे। सपा नेताओं समेत ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अंडरपास की मांग पर सुनवाई नहीं होने पर दो अगस्त को फफूंडा में ही प्राचीन शिव मंदिर पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि अंडरपास की मांग पूरी नहीं की गई तो ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
महापंचायत से हो सकती है कांवड यात्रा प्रभावित
ग्रामीण दो अगस्त को महापंचायत करेंगे। यदि इसमें कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा तथा उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो ग्रामीण उग्र हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण कांवड़ यात्रा प्रभावित कर सकते हैं।
ग्रामीणों द्वारा यह प्रकरण उठाने पर उनके संज्ञान में आया परंतु तब तक देर हो चुकी थी। इसके बावजूद केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पूरा मामला भेज दिया है।-सोमेंद्र तोमर, विधायक मेरठ दक्षिण
मुख्य बातें
किसानों ने दी दो अगस्त को सड़क पर उतरने की चेतावनी
ग्रामीण कांवड़ यात्रा को भी प्रभावित कर सकते हैं