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गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू का मवाना मिल पर हल्ला बोल

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मवाना। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सोमवार सुबह भाकियू कार्यकर्ता मवाना शुगर मिल पर एकत्रित हुए। उन्होंने मिल गेट पर धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तालाबंदी कर जमकर नारेबाजी की। धरनास्थल पर पहले से ही पुलिस व प्रशासन मौजूद रहा।
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जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह व युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ताओं ने मवाना शुगर मिल के गेट पर धरना दिया। धरने की अध्यक्षता ओमपाल सिंह ने की। गजेंद्र सिंह ने कहा कि किसान मूल्य गन्ना के भुगतान नहीं होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहा है। जिस कारण वह आत्महत्या करने पर मजबूर है। रुपये नहीं होने के कारण किसानों के बच्चों को स्कूलों से निकाला जा रहा है। वहीं, विद्युत निगम अधिकारी किसानों पर मुकदमा दर्ज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले की सभी छह मिलों पर अब भी किसानों के करोड़ों रुपये बकाया हैं। बार-बार सरकार व प्रशासन के आदेश के बावजूद चीनी मिलें किसानों का भुगतान नहीं कर रही हैं। उन्होंने किसानों के बकाया भुगतान व चीनी मिल पर चले आ रहे ब्याज का जल्द भुगतान कराने की मांग की। युवा जिलाध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत ने कहा कि किसान अपने गन्ने का भुगतान लेकर रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों का भुगतान करो या फिर जेल भेज दो। उन्होंने कहा कि तत्कालीन मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने सभी मिलों को 31 जुलाई तक पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन मिलें 5-5 दिन का भुगतान कर रही हैं। धरने के दौरान एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव व सीओ यूएन मिश्रा किसानों से वार्ता करने पहुंचे। किसान भुगतान की मांग को लेकर ही धरना खत्म करने पर अड़ गए। इसके बाद एजीएम वीरेंद्र सिंह वार्ता के लिए किसानों के बीच पहुंचे और चीनी के बोरे बिकते ही बकाया भुगतान करने का आश्वासन दिया। किसान इस पर भी नहीं माने। किसानों ने तारीख एवं भुगतान की जानकारी मंच से देने की मांग की। जिस पर मिल अधिकारियों ने आपस में वार्ता की। इसके बाद एजीएम वीरेंद्र ने 20 अगस्त तक 20 करोड़ रुपये का भुगतान करने का आश्वासन दिया। जिस पर किसानों ने एसडीएम मवाना को ज्ञापन देकर धरना समाप्त कर दिया। धरने में मंडल उपाध्यक्ष रविंद्र दौरालिया, तहसील अध्यक्ष शो सिंह, जगवीर सिंह, निश्चल चौहान, राजकुमार, संजय ततीना, सत्यवीर, विलयम सिंह, विनेश, प्रमोद, धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, भाकियू के दूसरे गुट के जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में भी मिल गेट पर ज्ञापन दिया गया। जल्द भुगतान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस दौरान बाबा इलम सिंह, डॉ. अभयराम, विनोद जिटौली, डॉ. विकास आदि मौजूद रहे।
किसानों के तेवर देख पीछे हटी पुलिस
धरने के दौरान धूप से बचने के लिए किसान मिल गेट के सामने टेंट लगा रहे थे। इस पर पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। किसान जिद पर अड़ गए। किसानों के उग्र तेवर देख पुलिस प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। किसानों ने कहा कि वह शांति से धरना दे रहे हैं। टेंट से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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धरने से पहले दिखी मूंछों की जंग
भाकियू की दो फाड़ राजनीति सोमवार को मवाना शुगर मिल के गेट पर भी दिखाई दी। जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह के नेतृत्व वाले गुट से पहले जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी मिल गेट पर पहुंचे और ज्ञापन देकर तुरंत लौट गए। इसके बाद गजेंद्र सिंह का गुट धरने पर बैठ गया और भुगतान का आश्वासन लेकर लौटा। धरने में कौन असली जिलाध्यक्ष है और कौन नहीं इसको लेकर चर्चा रही। गजेंद्र सिंह ने भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत द्वारा दिया मनोनयन पत्र भी धरने के बीच सब को दिखाया। भाकियू में दो फाड़ राजनीति नगर में पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।
किसानों को 20 अगस्त तक 20 करोड़ रुपये का भुगतान कराने का आश्वासन दिया गया है। मिल का प्रयास यही है कि किसानों को कोई समस्या न हो।-वीरेंद्र सिंह, एजीएम मवाना शुगर मिल
किसानों को 20 करोड़ रुपये का भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। भुगतान नहीं होने तक किसानों पर विद्युत निगम द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं कराया जाएगा। साथ ही उन स्कूलों को भी आदेशित किया जाएगा जो किसानों के बच्चों को निकाल रहे हैं।-अंकुर श्रीवास्तव, एसडीएम मवाना
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मुख्य बातें
भाकियू कार्यकर्ताओं ने मिल गेट पर जमकर नारेबाजी की
धरने से पहले ही पुलिस-प्रशासन रहा मुस्तैद
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