गंगनहर पटरी में कई जगहों पर कटान बढ़ा
सरधना। सरधना गंगनहर क्षेत्र में भारी बारिश व गंगनहर के बढे़ जलस्तर से कई जगहों पर सड़क किनारे की मिट्टी पानी के साथ खेतों में बह गई। दूसरी तरफ की पटरी पर कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से जिन जगहों पर ईंटों की रेलिंग टूटी हुई थी उन जगहों पर लगाई गई लकड़ी की बल्लियां व रेत के बोरों की ढांग भी पटरी के कटान के साथ नहर के पानी में डूब गई। नंगला आर्डर में तो शनिवार को नहर का पानी नाले के रास्ते खेतों में जा घुसा जिस कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बेहद खराब हो गई। इंटों की रेलिंग के दौरान ही पटरी किनारे खडे़ वन विभाग के सैकड़ों पेड़ भी कटान के बढ़ने के कारण ढहकर पानी में जा गिरे। पटरी टूटने का खतरा बढ़ा तो रात में ही अधिकारियों ने संपर्क करके गंगनहर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर पानी का जल स्तर कम कराया। तब जाकर खेतों का पानी कम हुआ और पटरी का बढ़ता कटान थम सका। पटरी का कटान बढ़ता है, तो गंगनहर का पानी क्षेत्र में तबाही मचा सकता हैं।
सरधना क्षेत्र में सलावा से लेकर भलसोना गंगनहर पुल तक कई जगहों पर पटरी का कटान भयंकर रूप ले चुका हैं। लगातार पड़ रही बारिश के पानी और नहर के बढ़ते जल स्तर को लेकर पटरी के दोनों तरफ कटान बढ़ गया हैं। यह स्थिति शनिवार व रविवार सुबह को कुछ ज्यादा ही बिगड़ गई। सलावा से भलसोना तक करीब दो दर्जन से अधिक जगहों पर पटरी में कटान हुआ। ईंटों की रेलिंग, मिट्टी से भरे बोरे व कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से लगाई गई बल्लियां भी पटरी के कटान के साथ नहर में गिर गई। सैंकड़ों पेड़ भी पानी में गिरकर डूब गए। मामले की सूचना क्षेत्र के लोगों ने एसडीएम अमित कुमार भारतीय को दी तो उन्होंने रविवार को सुबह के समय सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर गंगनहर में पानी का जल स्तर कम कराने को कहा। वहीं जिन जगहों पर सड़क टूटी और बल्लियां या रेलिंग टूटकर नहर में गिर गई उसके लिए एसडीएम अमित कुमार भारतीय ने पीडब्लूडी विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और तत्काल पटरी को दुरुस्त करने और दोबारा से पटरी की रेलिंग सही करने को कहा। नहर में पानी का जैसे ही शनिवार को जल स्तर बढ़ा तो पानी एक नाले के रास्ते नंगला आर्डर के जंगल में खेतों में जा घुसा। यदि रविवार को नहर के पानी का जल स्तर कम न होता तो नहर की पटरी का बढ़ता कटान व पानी के बढ़ते जल स्तर से तबाही मच सकती थी।
खास बातें:
-गंगनहर पटरी का कटान बढा तो अधिकारियों ने नहर में पानी कम कराया
-वन विभाग के सैकड़ों पेड़ पटरी से उखड़कर गंगनहर में डूबे