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प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं मिला तो नहीं होने देंगे मेरठ में भाजपा कार्यसमिति की बैठक

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मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग को लेकर केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन राजेंद्र सिंह जानी और संयोजक देवकी नंदन शर्मा ने मंगलवार को प्रेस वार्ता की। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि यदि 11 अगस्त को मेरठ में होने वाली भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले संघर्ष समिति को प्रधानमंत्री से मिलने का समय नहीं मिला तो पश्चिम के वकील इस बैठक को नहीं होने देंगे।
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कचहरी में पं. नानक चंद सभागार में आयोजित वार्ता में दोनों पदाधिकारियों ने पिछले दिनों संघर्ष समिति की गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन में आयोजित बैठक में पश्चिम के 22 जिलों के पदाधिकारियों के आए विचारों से अवगत कराया। चेयरमैन के अनुसार इस बैठक में फैसला लिया गया कि प्रधानमंत्री से समय न मिलने की दशा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी 22 जिलों के वकील एकत्र होकर भाजपा की बैठक का जोरदार विरोध करेंगे।
साथ ही निर्णय लिया गया कि 25 जुलाई को सभी जिलों में बार एसोसिएशन द्वारा जनपद में कार्यरत सभी सामाजिक व व्यापारिक संगठनों की बैठक होगी। जिनमें बेंच के लिए समर्थन पत्र प्राप्त किए जाएंगे। 28 जुलाई को सभी जिलों की बार एसोसिएशन के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपने-अपने जिलों में कलक्ट्रेट का घेराव कर डीएम को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे। जिनमें प्रधानमंत्री से मिलने का समय दिलाने की मांग की जाएगी। आगामी माह केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक बुलाकर रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में संयोजक ने सांसद डॉ. संजीव बालियान और राजेंद्र अग्रवाल का संसद में हाईकोर्ट बेंच की मांग जोरदार तरीके से रखने पर आभार जताया। प्रेसवार्ता में पूर्व महामंत्री अनिल जंगाला, सुधीर पंवार, वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज सोम, विनोद राणा, नरेश प्रधान, विरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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पूरब की लॉबी हावी
चेयरमैन राजेंद्र सिंह जानी ने कहा कि पश्चिम में बेंच की स्थापना के लिए पूरब की राजनीति लॉबी हमेशा से हावी रही है। सरकार बदलती रही। लेकिन किसी की भी नीयत साफ नजर नहीं आयी। सरकार वोटों की राजनीति करती है। इलाहाबाद के केसरीनाथ त्रिपाठी व मुरली मनोहर जोशी ने हमेशा बेंच का विरोध किया है। अब पश्चिम के सांसदों ने जिस प्रकार से लोकसभा में मुद्दा उठाया है, इससे उम्मीद जगी है कि बेंच की स्थापना होगी क्योंकि केन्द्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है। केंद्र सरकार चाहे तो संसद द्वारा हाईकोर्ट बेंच स्थापित करा सकती है।
... यह विश्वासघात होगा
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष गजेंद्र सिंह धामा और डॉ. ओपी शर्मा ने कहा कि पश्चिम के सभी सांसदों को सांसद डॉ. सजीव बालियान की तरह एकजुटता के साथ दोनों सदनों में पश्चिम में बेंच की मांग को उठाना चाहिए। वर्तमान में केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है। ऐसे में भी यदि बेंच नहीं मिली तो यह सरकार की वेस्ट यूपी की जनता के साथ विश्वासघात होगा।
इच्छाशक्ति की कमी
बार के पूर्व महामंत्री संजय शर्मा ने कहा कि पश्चिम के नेताओं में इच्छाशक्ति की कमी है। इस कारण वह अपनी बात पुरजोर तरीके से प्रधानमंत्री के समक्ष नही रख पाए। यदि पश्चिम में बेंच चाहिए तो सभी 22 जिलों के सांसदों को एक साथ मिलकर संसद में आवाज उठानी होगी और प्रधानमंत्री को इसकी जरूरत बतानी होगी
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