मवाना। गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के साथ सोमवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने तहसील पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भाकियू के कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के मुख्य गेट की तालाबंदी कर प्रदेश सरकार एवं मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता तत्काल भुगतान की मांग पर अड़े रहे।
पेराई सत्र बंद हुए काफी वक्त बीत चुका है। इसके बाद भी किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो सका है। भाकियू जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी के नेतृत्व में सोमवार को किसान तहसील पहुंचे और चीनी मिल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पहले तो किसान टिन शेड के नीचे बैठे रहे, लेकिन कुछ ही देर बाद किसानों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने तहसील के मुख्य गेट की तालाबंदी कर दी और वहीं, धरना देकर बैठ गए। नरेश चौधरी ने कहा कि किसान की हालत दयनीय है। वह आर्थिक संकट से जूझ रहा है। सरकार ने 14 दिन में गन्ने का भुगतान कराने का वादा किया था, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं। बहुत से किसान ऐसे हैं, जिनका राशन कार्ड तक नहीं बना है। किसान समस्याओं से जूझ रहा है। वहीं, अधिकारी एसी में बैठकर आराम फरमा रहे हैं। संजय दौरालिया ने कहा कि सरकार ने चुनाव से पहले किसानों के कर्ज माफ का वादा किया था। सरकार बनने के बाद सिर्फ अमीर किसानों के ही कर्ज माफ हुए हैं। गरीब किसान आज भी बैंकों में ब्याज भर रहा है। किसानों को सब्सिडी नहीं दी जा रही है। इतना ही नहीं एक के बाद एक टैक्स किसान पर लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे अपना गन्ना मूल्य भुगतान लेकर रहेंगे चाहे उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े। एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव एवं सीओ यूएन मिश्रा देर शाम किसानों के बीच वार्ता करने पहुंचे। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने अधिक से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान शीघ्र कराने का किसानों को आश्वासन दिया है। साथ ही स्कूल संचालकों से भी बात करने का भरोसा दिया।
नहीं मिला भुगतान तो करेंगे रोड जाम
धरने के दौरान भाकियू कार्यकर्ता संजय दौरालिया ने कहा कि वह भुगतान नहीं मिलने तक धरने पर बैठे रहेंगे। किसानों के परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। उनके बच्चों के दाखिले नहीं हो रहे हैं। इसके बाद भी सरकार एवं अधिकारी मौन साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब नारों से काम नहीं चलेगा। यदि उन्हें भुगतान नहीं किया गया तो वे मेरठ-बिजनौर मार्ग पर जाम लगाएंगे।
तहसील में लगाई भट्ठी
धरने पर आए किसानों एवं भाकियू कार्यकर्ताओं के लिए तहसील में ही भोजन की व्यवस्था की गई। तहसील में कार्यकर्ताओं ने भट्ठी लगाकर खिचड़ी बनाई। जिलाध्यक्ष नरेश चौधरी ने कहा कि धरने पर किसान डटे रहेंगे। उनके खाने की व्यवस्था तहसील में ही होगी।
पुलिस की गाड़ी रोकी, फरियादी रहे परेशान
मुख्य गेट पर तालाबंदी के कारण तहसील पहुंचे फरियादी भी परेशान रहे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने तालाबंदी के बाद पुलिस की गाड़ी को भी बाहर नहीं जाने दिया। थाना पुलिस ने कार्यकर्ताओं की काफी मानमनौव्वल की परंतु वे नहीं माने। जिस पर पुलिस को पैदल ही थाने तक जाना पड़ा।
उभरकर आई राजनीति
धरने के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए एक वक्ता ने कहा कि कुछ नेता ऐसे भी हैं जो केवल ज्ञापन देकर ही काम चलाते हैं। उनका यह बयान कार्यकर्ताओं के लिए चर्चा का विषय बन गया। दरअसल मवाना में भाकियू के दो गुट हैं।
मुख्य बातें
गन्ना मूल्य भुगतान नहीं मिलने से नाराज भाकियू कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने धरने पर प्रदेश सरकार को जमकर कोसा
एसडीएम एवं सीओ ने दिया शीघ्र भुगतान कराने का आश्वासन