मवाना(मेरठ)। नगर स्थित एक कॉलेज में सुपरवाइजर के अधीन कार्य कर रहे एक मजदूर की शुक्रवार को मौत हो गई। उसके परिजनों ने चिकित्सक पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जिसे देख चिकित्सक क्लीनिक बंद करके भाग निकला।
जिला हमीरपुर के गांव उमरी निवासी जंगीर अपने भाई रईस बाबू एवं भतीजे के साथ सुपरवाइजर के साथ मवाना के एक कॉलेज में कार्य करने आया था। जंगीर की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिस पर वह नगर के एक चिकित्सक से दवा लेने पहुंचा। आरोप है कि चिकित्सक द्वारा दी गई दवा लेने के कुछ देर बाद ही जंगीर की मौत हो गई। जिस पर परिजन मजदूर का शव लेकर क्लीनिक पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों ने चिकित्सक पर गलत दवा देने का आरोप लगाया। हंगामा होते देख मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। वहीं, चिकित्सक मौका पाकर क्लीनिक बंद करके भाग निकला। यहां पहुंचे सुपरवाइजर ने मामले की जानकारी ली। मृतक के भाई रईस बाबू ने बताया कि उन्होंने फोन पर परिजनों से वार्ता की है। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने एवं कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है। जिस पर परिजन मृतक के शव को लेकर अपने गांव के लिए रवाना हो गए। वहीं, इंस्पेक्टर देवेश शर्मा ने बताया कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। यदि लिखित शिकायत आती है तो जांच करके कार्रवाई जाएगी।
मुख्य बातें
हंगामा होते देख चिकित्सक क्लीनिक बंद करके भाग निकला
पुलिस इंस्पेक्टर ने किया जानकारी से इनकार