मवाना। उत्तर प्रदेश किसान सभा के नेतृत्व में किसान शुक्रवार को एसडीएम मवाना से मिले। उन्होंने गन्ना संबंधित समस्याएं उनके समक्ष रखीं। एसडीएम ने किसानों को जांच कराने का आश्वासन दिया है।
सभा के सचिव कामरेड जितेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में किसान एसडीएम मवाना अंकुर श्रीवास्तव से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ही उप गन्ना आयुक्त ने सहकारी विकास गन्ना समितियों को निर्देश दिया था कि गन्ना किसान से वर्ष 2018-19 के सट्टा चलाने के लिए घोषणा पत्र एवं फर्द गन्ना विभाग को देनी होगी। प्रतिवर्ष गन्ना माफिया फर्जी कागजों के आधार पर गन्ना समितियों कर्मचारियों की साठगांठ से पर्चियां प्राप्त कर लेते हैं। वे किसानों से औने-पौने दामों पर गन्ना खरीदकर मिल को सप्लाई कर देते हैं। उन्होंने बताया कि गन्ना विभाग द्वारा बनाया गया हर संशोधन छोटे एवं साधारण गन्ना किसान को प्रभावित करता है। ये किसान तहसील के चक्कर लगाते हैं और तहसील में लाइनों में खड़े होकर घंटों इंतजार करते हैं। हालांकि गन्ना समिति के कंप्यूटर में किसानों का सारा रिकार्ड दर्ज है। उन्होंने एसडीएम मवाना को ज्ञापन सौंपकर गन्ना सहकारी विकास समिति को किसानों की भूमि एवं गन्ना सट्टा का सत्यापन अपने कार्यालय में करने, गन्ना माफिया की पहचान कर उनके सट्टे बंद करने, कार्रवाई करने, गन्ना पर्ची में की गई धांधली में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने, गन्ना किसानों की नेट द्वारा निकाली गई फर्द उचित मानी जाए एवं लेखपालों को निर्देशित किया जाए कि वे अपने क्षेत्र के किसानों को समय रहते सेवाएं दें। एसडीएम अंकुर श्रीवास्तव ने किसानों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मुख्य बातें
किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने ज्ञापन सौंपा
उपजिलाधिकारी ने दिया कार्रवाई करने का आश्वासन