मवाना। कहने को तो ई-रिक्शा लोगों के लिए फायदेमंद साबित हुए, लेकिन ई-रिक्शा प्रतिदिन बिजली विभाग को लाखों का चूना लगा रहे हैं। कॉर्मिशयल में होने के बावजूद ई-रिक्शा घरेलू बिजली चार्ज किए जा रहे हैं। इसके बावजूद आज तक विद्युत निगम ने ई-रिक्शा पर लगाम लगाने की जहमत तक नहीं उठाई।
मवाना की बात करें तो यहां लगभग 200 ई-रिक्शा सड़कों पर दौड़ते हैं। मजे की बात यह है कि इनमें से कुछ ही ई-रिक्शाओं के रजिस्ट्रेशन हैं। ये तो सब जानते हैं कि ई-रिक्शा बैट्री से चलते हैं, परंतु विद्युत निगम के अधिकारियों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया कि इनको चार्ज कहां किया जाता है। यदि कोई व्यक्ति अपनी दुकान की बिजली घरेलू कनेक्शन से चला लेता है तो विभाग उससे जुर्माना वसूलता है। निगम के पास ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई करने की कोई योजना नहीं है। ऐसे में निगम को प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। मवाना में दौड़ रहे ई-रिक्शा तो केवल बानगी भर हैं। यदि पूरे जिले की बात की जाएं तो विभाग को पूरे जिले से करोड़ों रुपये का चूना हर रोज लग रहा है।
मामला संज्ञान में है, इसको लेकर बात चल रही है। जल्द ही ई-रिक्शा चालकों पर लगाम लगाने के लिए छापेमारी की जायेगी।-दीपांशु सहाय, अधिशासी अभियंता, मवाना