नहीं हुई नालों की तली झाड़ सफाई, बारिश से होगी परेशानी
मवाना। ईद से पहले नगर के नालों को साफ करने का कार्य शुरू कर दिया गया था। लेकिन नगर के लोगों को इसके बाद भी जलभराव की समस्या से मुक्ति नहीं मिलेगी। दरअसल नगर पालिका ने 18 लाख का ठेका सिर्फ पांच नालों के लिए छोड़ा है, जबकि नगर के बीचों बीच बने नालों की सफाई नहीं होगी। जिस कारण बरसात में एक बार फिर नगर के लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा।
बताते चले कि नगर पालिका ने नालों की तली झाड़ सफाई के लिए 18 लाख का ठेका छोड़ा था। नालों की सफाई की बात करें तो तली झाड़ के नाम पर लोगों को धोखा दिया जा रहा है। कहीं से तली झाड़ सफाई तो कहीं जेसीबी के माध्यम से कूड़ा निकालकर कार्य की इतिश्री की जा रही है। नगर पालिका द्वारा छोड़े गए 18 लाख के ठेके में नगर के बीचों बीच आने वाले नाले सम्मलित नहीं है, जिस कारण जलभराव की समस्या खत्म नहीं होगी। बरसात सिर पर है और ऐसे में गलियां गंदे पानी से लबालब रहेंगी। वहीं नालों से निकली सिल्ट सड़क पर पड़ी होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चेयरमैन ने किया निरीक्षण
नालों की सफाई का बुधवार को चेयरमैन अय्यूब कालिया ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार से कहा कि नालों की तली झाड़ सफाई होनी चाहिए। कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होंगी। चेयरमैन अय्यूब कालिया ने नालों में उतरकर सफाई का जायजा लिया। इस मौके पर अमीर आजम, संजय प्रजापति, हिमांशु जैन, धर्मराज चौहान, योगेश कुमार आदि मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि नालों की सफाई नियमानुसार कराई जाएगी। नगर के बीचों बीच बने नालों की सफाई का कार्य भी जल्द शुरू कराया जाएगा।