दौराला। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार और बाइक में भिड़ंत हो गई। जिसमें कार सवार और बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टोलवे कर्मचारियों ने उन्हें मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई। हालांकि दूसरे की हालत गंभीर बताई गई है। युवक की मौत की सूचना पाकर ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल परिसर में हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर शांत किया। वहीं, मृतक के भाई ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
कैली गांव निवासी फरियाद (30) पुत्र दिलशाद एवं गुल मोहमद (18) पुत्र अरशद मोदीपुरम द्वारका कॉलोनी में पत्थर लगाने का कार्य कर रहेे थे। वे रविवार सुबह करीब नौ बजे कैली गांव से बाइक पर सवार होकर मोदीपुरम जा रहे थे। इसी बीच दौराला के समीप तुलसी होटल के सामने एक स्विफ्ट डिजायर कार सामने आ गई और दोनों की भिड़ंत हो गई। इससे बाइक सवार दोनों युवक घायल हो गए और कार पलट गई। जिससे कार सवार भी घायल हो गया। सूचना मिलने पर टोलवे कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह घायलों को मोदीपुरम के एसडीएस अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उपचार के दौरान फरियाद की मौत हो गई। इसकी जानकारी पाकर परिजन एवं ग्रामीण एकत्रित होकर अस्पताल पहुंच गए। ग्राम प्रधान मैराज के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। हंगामे से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप था कि चिकित्सकों की लापरवाही के कारण फरियाद की मौत हुई है। उसे समय पर खून नहीं चढ़ाया गया। जिसके चलते चिकित्सक युवक की मौत के जिम्मेदार हैं। हंगामे की सूचना मिलने पर पल्लवपुरम इंस्पेक्टर दिलीप शर्मा मयफोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। बाद में ग्राम प्रधान मैराज और अस्पताल मैनेजर मनोज गोयल के बीच इंस्पेक्टर दिलीप शर्मा ने वार्ता कराई। जिसमें किसी तरह समझौता कराया गया। इंस्पेक्टर दिलीप शर्मा का कहना है कि पुलिस मामले की जांच करेगी। इसके बाद कार्रवाई होगी। अस्पताल के मैनेजर मनोज गोयल का कहना है कि अस्पताल के चिकित्सकों की कोई लापरवाही नहीं है। मृतक के परिवारजनों ने ही समय रहते खून उपलब्ध नहीं कराया था। परिजन बाद में आए थे, जबकि उपचार पहले ही शुरू कराया जा चुका था।
मुख्य बातें
घायल के उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा
पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया