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कैश कॉलेज पर गरजा एमडीए का महाबली, किया ध्वस्तीकरण

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मोदीपुरम। रुड़की रोड स्थित कॉलेज ऑफ एप्लाइड एजुकेशन एंड हेल्थ साइंसेज (कैश) में शनिवार को एमडीए की टीम ने अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा एक पार्क को भी कब्जा मुक्त किया गया। इस दौरान हंगामा भी हुआ।
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लावड़-सोफीपुर मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर एमडीए की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए कमिश्नर ने कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एमडीए के नोडल अधिकारी धीरज सिंह, जोनल अधिकारी वीके सिंह, एसीएम प्रथम अमित कुमार पल्लवपुरम पुलिस के साथ अवैध निर्माण हटाने कैश कॉलेज पहुंचे। कॉलेज के अधिकारियों और लीगल एडवाइजर ने हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कही। मजिस्ट्रेट ने कागज देखे, लेकिन इन कागजों को इस कार्रवाई से अलग बताते हुए एमडीए अधिकारियों ने कॉलेज की चारदीवारी एवं मुख्य द्वार को ध्वस्त कर दिया। वहां एक पार्क को भी कब्जा मुक्त कराया। इस दौरान कॉलेज के अधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया, लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली। करीब दो घंटे चली कार्रवाई के बाद टीम लौट गई।

प्लाटों पर कब्जा लेने पहुंचे लोग
एमडीए द्वारा जिस जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है, उस जमीन पर लोगों ने अपने प्लॉट बताए और कब्जा शुरू कर दिया। जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पल्लवपुरम पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने किसी तरह लोगों को वहां से हटाया।
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अवैध था निर्माण
एमडीए के नोडल अधिकारी धीरज सिंह का कहना है कि कॉलेज की चारदीवारी और उसका मुख्य द्वार एमडीए की जमीन पर बना हुआ है। लावड़-सोफीपुर मार्ग का चौड़ीकरण होना है। जिसके चलते एमडीए ने अपनी जमीन को कब्जा मुक्त कराया है। एमडीए अपनी जमीन पर कब्जा करके इसे पीडब्लूडी के अधीन करेगा। कॉलेज प्रबंधन द्वारा जो स्टे दिखाया गया है, वह किसी अन्य मामले का है। नियम के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। पार्क को कॉलोनी के लोगों के लिए खोल दिया है।

एमडीए की कार्रवाई गलत
कैश कॉलेज के लीगल एडवाइजर सेंसरपाल शर्मा एडवोकेट ने कहा कि एमडीए टीम ने जो कार्रवाई की है वह गलत है। जिस जमीन पर एमडीए ने ध्वस्तीकरण किया है, उस जमीन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे है, लेकिन मजिस्ट्रेट और एमडीए के अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। ध्वस्तीकरण से पहले नोटिस देना चाहिए, लेकिन उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर की जाएगी।
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