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सेल्स टैक्स की टीम का व्यापारियों ने घेरा

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परीक्षितगढ़/मेरठ। वाणिज्य कर विभाग की टीम ने मवी रोड स्थित बैट्री के थोक व्यापारी की दुकान में छापामारी की तो बखेड़ा हो गया। व्यापारी ने अन्य व्यापारियों के साथ मिलकर अफसरों की टीम को दुकान में बंधक बनाकर अवैध वसूली का आरोप लगाया। सूचना पर विधायक और चेयरमैन मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे चले हंगामे के बाद अधिकारियों के माफी मांगने पर व्यापारियों ने उन्हें बंधनमुक्त किया। हालांकि वाणिज्य कर के अफसरों ने इसे षड्यंत्र बताया है।
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मवी बस स्टैंड पर मनोज प्रजापति की एमके बैटरी नाम से दुकान है। मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे वाणिज्य कर के ज्वाइंट कमिश्नर ओपी वर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर शोभित श्रीवास्तव, एके शुक्ला, सीटीओ नीरज, वीेके सोनी फोर्स के साथ चार गाड़ियों में दुकान पर पहुंचे। उन्होंने जांच के लिए खरीद व बिक्री के सभी बिल कब्जे में ले लिए। व्यापारी मनोज का आरोप है कि अधिकारियों ने बतौर वसूली 50 हजार रुपये की मांग की।
विधायक ने की डीएम से शिकायत
छापामारी की जानकारी पर संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष सुधीर गर्ग, गौरव गर्ग, विद्याभूषण, गुड्डू प्रजापति, रोहित बंसल, राधेश्याम प्रजापति समेत दर्जनों व्यापारी पहुंच गए। व्यापारियों ने हंगामा कर उन्हें घेर लिया। इसी बीच व्यापारियों और अधिकारियों के बीच हाथापाई भी हुई। इसके बाद व्यापारियों ने सभी अधिकारियों को दुकान में बंधक बना लिया। व्यापारी ने विधायक दिनेश खटीक, चेयरमैन अमित मोहन टीपू को बुला लिया। विधायक ने अधिकारियों की शिकायत फोन पर डीएम से की। वहीं, व्यापारियों का हंगामा देख अधिकारियों की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी वहां से भागने लगे तो व्यापारियों ने उन्हें भी पकड़कर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया। मौके पर पहुंची थाना पुलिस इन पुलिसकर्मियों को छुड़ाकर ले गई। एसओ अशोक कुमार के अनुसार जब तक मौके पर पहुंचे तो अधिकारी बंधनमुक्त हो चुके थे। इसकी जानकारी एसपी देहात को दी गई थी।
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डीएम से की शिकायत
व्यापार संघ ने वाणिज्य कर अफसरों द्वारा अवैध वसूली की जानकारी दी थी। मौके पर पहुंचकर मामला समझने के बाद डीएम से इन अफसरों की शिकायत की है। -दिनेश खटीक, विधायक
हमें फंसाने का षड्यंत्र किया गया
इस संबंध में वाणिज्य कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने जारी प्रेस नोट में बताया कि मनोज बैटरी उद्योग परीक्षितगढ़ में पहुंची अफसरों की टीम ने 14 जून को फर्म द्वारा की गई पुरानी बैट्री की खरीद के सत्यापन एवं व्यापारी व्यापारी द्वारा पुरानी बैट्री की बिक्री मासिक रिटर्न में न दिखाए जाने के क्रम में जांच की थी। फर्म का सर्वेक्षण पंचनामा डायरी में अंकित कर व्यापारी के हस्ताक्षर कराए गए। व्यापार स्थल पर उपलब्ध स्टाक एक पेज पर अंकित किया गया तथा तीन स्लिप पैड जिसमें प्रथम दृष्टया अपवंचित बिक्री का विवरण अंकित था, को अभिग्रहित करने हेतु लिए गए। एडिशनल कमिश्नर का दावा है कि व्यापार मंडल, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय व्यापारियों द्वारा सर्वेक्षण का विरोध किया गया। सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया। सभी अधिकारियों के मोबाइल छीन लिए गए। मनोज कुमार और करीब 50 अन्य अज्ञात लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली। अधिकारियों को फंसाने का षड्यंत्र किया गया। फर्म स्वामी 20 हजार रुपये लेकर ज्वाइंट कमिश्नर ओमप्रकाश के पास खड़े हुए और एक जनप्रतिनिधि के कहने पर उनकी मोबाइल से फोटो खींची गई। अधिकारियों से सरकारी अभिलेख छीन लिए गए। सरकारी अधिकारियों को शटर बंद कर बंधक बनाने का प्रयास किया गया।
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खास बातें:
बैटरी के थोक व्यापारी की दुकान का सर्वेक्षण करने पहुंचे थे अधिकारी
अवैध वसूली का आरोप लगाया, अफसरों ने इसे षड्यंत्र बताया
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