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तौल बंद, उम्मीद से अधिक सरकार ने खरीदा किसानों का गेहूं

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मवाना। अंतिम दिन किसानों का गेहूं खरीदने के बाद क्रय केंद्र बंद हो गए। ढाई महीने में क्रय केंद्रों को जहां बारदाने की समस्या से जूझना पड़ा। वहीं सरकार ने उम्मीद से कहीं अधिक गेहूं की खरीदारी की।
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हस्तिनापुर रोड स्थित नवीन मंडी में दो सहकारी एवं एक सरकारी क्रय केंद्र खोला गया था। एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू की गई। इस बार सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1735 रखा। जिस पर किसान क्रय केंद्र पर अधिक संख्या में गेहूं लेकर पहुंचे। सरकार ने पिछले साल के मुकाबले इस बार क्रय केंद्रों का लक्ष्य कम रखा। गेहूं का उत्पादन इस बार अधिक होने से सभी क्रय केंद्रों पर लक्ष्य से अधिक गेहूं की खरीदारी की गई। हालांकि क्रय केंद्र संचालकों को कई दिन तक बारदाने की समस्या से जूझना पड़ा और किसान अपना गेहूं लेकर कई-कई दिन क्रय केंद्र पर रुकने को मजबूर हुए। शुक्रवार को अंतिम तौल के बाद क्रय केंद्र बंद हो गए। नवीन मंडी के मवाना सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र के संचालक राजीव ने बताया कि उन्हें चार हजार क्विंटल का लक्ष्य मिला था। उन्होंने 7234 क्विंटल गेहूं 227 किसानों से खरीदा। इसके अतिरिक्त मवाना महिला उपभोक्ता सहकारी क्रय-विक्रय केंद्र संचालक शिवकुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने 295 किसानों से 9914 क्विंटल गेहूं की खरीदारी की। इसके अतिरिक्त सरकारी विपणन शाखा के संचालक प्रमोद ने बताया कि देर शाम तक उनके यहां गेहूं की खरीदारी चलती रही। उम्मीद से कहीं अधिक गेहूं की खरीदारी के चलते जहां सरकारी गोदाम भर गए। वहीं, किसानों को भी गेहूं का अच्छा भाव मिलने से उनकी बांछे खिली रहीं।
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मुख्य बातें
सरकार ने बीती एक अप्रैल को शुरू कर दिए थे गेहूं क्रय केंद्र
ढाई माह के दौरान बारदाने की कमी और उठान की समस्या से जूझते रहे
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