मेरठ/जानी। सिवालखास गांव में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। साल्वेंट केमिकल से पेट्रोल-डीजल तैयार कर रहे एक घर में भीषण आग लग गई। जिससे बुआ-भतीजी समेत परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। वहीं, परिवार के पांच लोग झुलस गए। पुलिस ने जेसीबी से दीवार तुड़वाई, तब जाकर झुलसे लोगों को निकाला गया। फायरब्रिगेड ने शवों को बाहर निकाला। आग बुझाने में फायरब्रिगेड के तीन कर्मी झुलस गए।
हादसा जानी के सिवालखास गांव की नई बस्ती में हुआ। बाबू वाल्मीकि व उसका परिवार अवैध तरीके से पेट्रोल-डीजल बनाते थे। सिवालखास गांव में साल्वेंट केमिकल मिलाकर पेट्रोल-डीजल बेचने का धंधा चल रहा था। बाबू के घर में करीब 15-20 ड्रम साल्वेंट केमिकल रखा हुआ था। दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक घर में भीषण आग लग गई। यह आग दरवाजे तक फैली, जिसके चलते परिवार घर में ही फंस गया।
आग की लपटों को देख और परिवार की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने परिवार को निकालने का प्रयास किया। लेकिन केमिकल के ड्रम फटने से आग दूर तक फैलने लगी। जानकारी पर जानी थाना पुलिस और एसपी देहात राजेश कुमार फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जेसीबी से पीछे की दीवार तोड़कर बाबू के बेटे सूरज (24), चंदू (18), वंश (10), तमन्ना (14), काजल (16) और कनक (8) को बाहर निकाला। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान कनक की मौत हो गई।
बुआ-भतीजी आग में फंसी
आग में बाबू की विवाहिता बेटी राखी (26) पत्नी प्रदीप मुरथल हरियाणा व उसकी भतीजी पंखी (6) आग में फंसी रह गई। एफएसओ मुकेश कुमार टीम को लेकर मौके पर पहुंचे। फायरब्रिगेड कर्मी जान पर खेलकर आग की लपटों के बीच मकान में घुस गए। जहां से बुआ-भतीजी को निकाला। दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों के शवों को निकालने में फायरब्रिगेड के कर्मचारी सतपाल, ब्रजवीर और दीपक झुलस गए। वहीं, गांव के आसिफ, विकास, भूटान, साजिद, कल्लू, आसिफ और गांव कुराली निवासी सोम और सलीम भी झुलसे हैं। उनका भी उपचार अलग अलग अस्पतालों में चल रहा है।
खास बातें:
- साल्वेंट केमिकल से तैयार होता था पेट्रोल-डीजल
- परिवार के पांच लोग भी बुरी तरह झुलसे
- जानी क्षेत्र के सिवालखास में हुआ दर्दनाक हादसा