खरखौदा। कस्बा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में चल रहा भूत प्रकरण थकने का नाम नहीं ले रहा है। वार्डन और चपरासी के हटाने के बाद भी दो दिन से विद्यालय परिसर में दो पुरुषों को देखा जा रहा है। हालांकि विद्यालय की कार्यवाहक वार्डन की मांग पर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में एक माह से छात्रावास में रह रही छात्राओं को भूत बनकर डराया जा रहा है। पहले विद्यालय की शिक्षिकाओं ने इस मामले में दबी जबान से अपने अधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। इस पर विद्यालय से छात्राएं धीरे-धीरे कोई न कोई बहाना बनाकर घर जाने लगीं। बाद में छात्राओं ने परिजनों के माध्यम से डीएम को पीड़ा भरी चिट्ठी भेजी थी। जब मामला समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुआ तो प्रशासन की आंखें खुलीं। प्रशासन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जांच के लिए विद्यालय में भेजा। बच्चों की पीड़ा सुनकर मामले की जांच में भूत के नाम पर डराने वाले विद्यालय की वार्डन, चपरासी और एक बाहरी व्यक्ति निकला। अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम और बीएसए ने वार्डन और चपरासी दोनों को पद से हटा दिया था। जांच में छात्राओं को भूत बनकर डराने, शारीरिक उत्पीड़न समेत कई मामले प्रकाश में आये थे। इस प्रकरण से विद्यालय में पंजीकृत 100 छात्राओं में से करीब 50 ही मौके पर रह गई थीं। वार्डन एवं चपरासी के हटने के बाद भी शुक्रवार एवं शनिवार रात्रि में विद्यालय में फिर दो व्यक्तियों को परछाई दिखाई दी। रात्रि में ड्यूटी कर रही होमगार्ड महिला भी डर गई। विद्यालय की अध्यापिकाओं ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी थी। जिसमें पुलिस ने पूरे विद्यालय में खोजबीन की थी, लेकिन कुछ नहीं मिला था। शुक्रवार को रात्रि में कार्यवाहक वार्डन ने अपने अधिकारियों को फिर सूचना दी। जिसमें रविवार को विद्यालय परिसर में सीसीटी कैमरे लगाए गए। तत्कालीन वार्डन की अभी भी कस्बे में ही ठहरने की चर्चा है। फिलहाल विद्यालय में महज 30 छात्राएं मौजूद हैं।
मुझे इस मामले में दोबारा सूचना मिली थी। जिस कारण विद्यालय परिसर में सीसीटी कैमरे लगा दिए हैं। यदि इसके बाद भी यह प्रकरण खत्म नहीं हुआ तो पुलिस की सहायता ली जाएगी। -बेसिक शिक्षा अधिकारी सतेंद्र ढाका।
मुख्य बातें
अधिकारियों ने विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए
बीती रात विद्यालय में दो लोगों की परछाई दिखाई दी थी