मवाना। देहात की छोरियां भी किसी से कम नहीं हैं। आज देहात की छोरी भी जिला स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। नगर क्षेत्र के सांधन गांव निवासी छात्रा ने डॉक्टर बनने का सपना छोड़ बैडमिंटन संभाला। उसने हाल ही में अंबाला में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया।
सांधन गांव निवासी जितेंद्र देशवाल पुत्र नरेंद्र जवाहर के दो बेटी व एक बेटा है। वह होमगार्ड में कंपनी कमांडर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी श्वेता एमएससी की पढ़ाई कर रही है। वहीं, दूसरी बेटी अंजलि हरियाणा के करनाल स्थित गुरुकुल महाविद्यालय में बीए फाइनल की छात्रा है। इसके अतिरिक्त बेटे ने गंगानगर स्थित शांति निकेतन स्कूल से इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। उन्होंने बताया कि उनकी पुत्री अंजलि का बचपन से डॉक्टर बनने का सपना था। निजी मेडिकल कॉलेजों में डोनेशन के नाम पर मांगी गई मोटी रकम के चलते उसे अपने सपने को छोड़ना पड़ा। इसके बाद अंजलि ने खेल की दुनिया को चुना। कोच ममता की देखरेख में उसने बैडमिंटन खेलना शुरू किया। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने तीन माह पहले हरियाणा में आयोजित हुई प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता था। हाल ही में अंबाला में नोर्थ जोन बाल बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब, जम्मू, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल, चंडीगढ़, दिल्ली की बैडमिंटन टीमों ने हिस्सा लिया। अंजलि ने इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतकर अपने क्षेत्र एवं कॉलेज का नाम रोशन किया। पिता जितेंद्र ने बताया कि अंजलि की मां गृहिणी हैं और अपनी सास ओमवीरी के साथ ही ज्यादा समय व्यतीत करती हैं। अंजलि का सपना सानिया मिर्जा की तरह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करना है। परिजन अंजलि के इस सपने को साकार करने के लिए उसकी हर तरह से मदद करने में लगे हुए हैं।
मुख्य बातें
बैडमिंटन में गोल्ड जीतकर अंजलि ने क्षेत्र का नाम किया रोशन
पिता होमगार्ड में है कंपनी कमांडर