घटतौली का आरोप लगा किसानों ने किया हंगामा
मवाना। शुगर मिल में बुधवार को किसानों ने घटतौली का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान किसानों ने तौल बंद करा दी, जिस पर तौल लिपिक व कर्मचारी वहां से भाग खड़े हुए। मौके पर पहुंचे मिल अधिकारियों ने किसानों को किसी तरह समझा-बुझाकर शांत कराया।
मवाना निवासी नंद किशोर ने बताया कि बुधवार सुबह वह अपनी ट्रैक्टर ट्राली में गन्ना लेकर पहुंचा। आरोप है कि तौल लिपिक ने गन्ने में पत्तियां अधिक बताकर उसका 12 प्रतिशत गन्ना काट लिया, जबकि भैंसा बुग्गी से गन्ना लेकर आने वाले किसानों का नौ प्रतिशत गन्ना काटा जा रहा था। घटतौली को लेकर किसानों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने तौल बंद कराते हुए जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते किसानों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इस पर तौल लिपिक व वहां मौजूद कर्मचारी भाग खड़े हुए। हंगामे की जानकारी मिलने पर सुरक्षा अधिकारी केके राघव किसानों के बीच पहुंचे और किसानों को समझाया। मिल के अन्य अधिकारियों से बात करने के बाद कटौती को रोक दिया गया, जिस पर किसान शांत हुए। गन्ना किसान अनिल, मुकेश, अमित, टिंकू आदि ने बताया कि पहले तो पर्चियां कम दी गई और मिल बंद होने की आशंका को देखकर पर्चियां अधिक भेज दी गई। फिलहाल मजदूर गेहूं कटाई में लगे हुए है, जिस कारण गन्ने की सही छिलाई नहीं हो पा रही है। मिल अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते ही यह समस्या उत्पन्न हुई है। वहीं मंगलवार देर रात भी किसानों ने इसी शिकायत के चलते हंगामा करते हुए तौल बंद करा दी थी। सुरक्षा अधिकारी केके राघव का कहना है कि किसानों की बात सुनने के बाद कटौती को रोक दिया गया, जिस पर किसान शांत हुए। उन्होंने कहा कि जिन किसानों के गन्ने की कटौती की गई उनका पूरी तौल करा दी गई है।
प्राइवेट क्रय केंद्रों के मुकाबले सरकारी क्रय केंद्र लक्ष्य से पिछड़े
- मजदूरों की कमी के चलते भूखे प्यासे रहकर शाम तक तौल का इंतजार कर रहे है किसान
मवाना। गेहूं की बंपर पैदावर और क्रय केंद्रों का लक्ष्य घटाने के बाद भी सरकारी क्रय केंद्र लक्ष्य से पिछड़े हुए है, जबकि प्राइवेट क्रय केेंद्र लक्ष्य को पूरा कर चुके है। मजदूरों की कमी होने के कारण किसानों को दिन भर भूखे प्यासे क्रय केंद्रों पर खड़ा होना पड़ रहा है।
हस्तिनापुर रोड स्थित मंडी में दो प्राइवेट व एक सरकारी गेहूं क्रय केंद्र बना हुआ है। प्राइवेट क्रय केंद्र को 4000 व सरकारी क्रय केंद्र को 6000 क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला हुआ है। मवाना सहकारी क्रय विक्रय समिति के संचालक राजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने 101 किसानों से 3272 क्विंटल गेहूं खरीदा है। वहीं मवाना महिला उपभोक्ता सहकारी समिति ने लक्ष्य से अधिक 4281 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। संचालक शिव कुमार शर्मा ने बताया कि 15 जून तक गेहूं खरीदना है और अधिक से अधिक गेहूं खरीदा जाएगा। इसके अलावा सरकारी क्रय केंद्र के विपणन शाखा मवाना के संचालक प्रमोद कुमार ने बताया कि उन्हें 6000 क्विंटल का लक्ष्य मिला है। अभी तक उन्होंने 67 किसानों से 2873 क्विंटल गेहूं खरीदा है। प्राइवेट के मुकाबले सरकारी क्रय केंद्र अभी पिछड़े हुए है। जबकि सरकारी क्रय केंद्र पर भुगतान शत-प्रतिशत हो रहा है। कुंडा निवासी किसान ब्रजपाल व गड़ीना निवासी किसान दिनेश ने बताया कि मजदूर कम होने के चलते गेहूं तौल में देरी हो रही है, जिस कारण किसानों को सुबह से लेकर शाम तक क्रय केंद्र पर भूखे प्यासे बैठे रहना पड़ता है। किसानों ने बताया कि क्रय केंद्र पर गेहूं रखने की सुविधा भी ठीक नहीं है। गेहूं बाहर पड़ा रहने के कारण बारिश में भीग रहा है, जिस कारण गेहूं सड़ने का डर बना हुआ है। उन्होंने मजदूरों को बढ़ाने की मांग की।
खास बातें:
- हंगामे की सूचना पर पहुंचे अधिकारियों ने किया किसानों को शांत
- किसानों की घटतौली भी हुई पूरी