खरखौदा। अंडर ट्रेनी आईपीएस को खरखौदा का चार्ज लिए केवल 18 दिन हुए हैं। इस दौरान अपहरण, हत्या, लूट और चोरी समेत कई घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि अभी तक हत्या एवं दो ट्रैक्टर लूट की घटनाओं का खुलासा नहीं हुआ है।
खरखौदा थाने पर तैनात इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम के साथ नौ अप्रैल को अंडर ट्रेनी आईपीएस अमित आनंद को थाने पर तैनाती दी गई थी। नौ अप्रैल से ही आईपीएस को थाना का चार्ज सौंप दिया गया। 13 अप्रैल की रात्रि में कौल रोड पर पानी की टंकी के निकट गन्ने के खाली खेत में करीब 26 वर्षीय युवक का गोली लगा शव पड़ा मिला था। हत्यारे ने पहले गोली मारी तथा बाद में शव की पहचान छिपाने के लिए शव के चेहरे को कैंची, ब्लेड और सरिये से क्षत-विक्षत कर दिया था। इसके विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम से फुट एवं फिंगर प्रिंट लिये थे। वहीं, क्राइम ब्रांच द्वारा घटनास्थल का बीटीएस भी करा लिया गया था। इसके बावजूूद न तो मृतक की पहचान हो सकी और न ही इस मामले का पुलिस खुलासा कर सकी थी। वहीं, 17 अप्रैल को पंजाब के शाह अंबाला निवासी तेजपाल पंजाब के ही पटियाला से प्रीत ट्रैक्टर की कपंनी से दो ट्रैक्टर टूचैन कर अलीगढ़ के लिए चला था। 18 अप्रैल को तड़के तेजपाल हापुड़ रोड पर गांव लालपुर में एक ढाबे पर पहुंचा तो दिनचर्या से निवृत्त होकर करीब पांच बजे वह नाश्ता करके अलीगढ़ के लिए चला। कुछ दूर चलते ही पीछे से आई कार ने ओवरटेक करक ेट्रैक्टरों को रुकवाकर चालक को गन प्वांइट पर लेकर बंधक बना लिया था। इसके बाद दोनों ट्रैक्टरों को लूटकर भाग गये थे। उन्होंने चालक को कुछ दूर रास्ते पर ही फेंक दिया था। पुलिस घटना को लूट के बजाय चोरी में दर्ज किया था। दस दिन बाद भी पुलिस इस मामले की तह तक नहीं पहुंच सकी है। चार दिन पहले एक मामले में जांच को थाना आई एसएसपी ने भी दोनों घटनाओं को जल्द खोलने का आदेश दिया था। इस बाबत एएसपी अमित कुमार आनंद का कहना है कि दोनों मामलों में अभी कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। पुलिस की कोशिश निरंतर जारी है।
मुख्य बातें
हत्या और लूट की वारदातों में शामिल बदमाश पुलिस की पकड़ से बाहर